रतनपुरा स्थित विपरण केंद्र का 12 बजे ताला खोलता कर्मचारी।
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रतनपुरा। सरकार की तरफ से धान खरीद की गति को तेज करने की तमाम कवायद विभागीय लापरवाही से फ्लाप साबित हो रही है। बृहस्पतिवार को कहीं खाद्यान्न उतारने, कहीं बोरों के अभाव में क्रय केंद्रों पर धान खरीद बंद रही। अब तक रतनपुरा ब्लाक में 60 किसानों से 2760 क्विंटल ही धान खरीद हो सकी है। धान खरीद न होने से आढ़तियों की चांदी कट रही है। वहीं परेशान किसान औने पौने दाम पर फसल बेचने को विवश हैं। सब जानकर अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
जिले में किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए एमएसपी पर धान की खरीद की जा रही है। ब्लाक में पांच क्रय केंद्र बनाए गए हैं। क्रय केंद्र प्रभारियों की मनमानी से किसानों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। प्रशासन की तरफ से पांच विभागीय अधिकारियों का वेतन रोकने के बाद भी कोई सुधार नहीं आ रहा है। धान खरीद का दूसरा माह चल रहा है, लेकिन अभी तक रतनपुरा ब्लाक में 60 किसानों से 2760 क्विंटल ही धान खरीद हो सकी है। बृहस्पतिवार को रतनपुरा विपणन केंद्र पर खाद्यान्न उतारना जा रहा था, इसके चलते धान खरीद ठप रही। धान बेचने आए किसानों को बैरंग लौटना पड़ा। साधन सहकारी समिति पहसा मुइद्दीनपुर पर 20 किसानों से अब तक 8.69 क्विंटल धान खरीदा जा सका है। कुड़सर में नौ किसानों से 452 क्विंटल हो सकी है। साधन सहकारी समिति अइलख पर एक सप्ताह से बोरे के अभाव में धान खरीद बंद है। अब तक 20 किसानों से 789 क्विंटल धान खरीद हो सकी है। बोरे के अभाव में छिछोर में 593 क्विंटल 40 किलो धान की खरीद हो सकी है। इस बाबत रतनपुरा विपणन केंद्र प्रभारी जाहिद कमाल ने बताया कि मैं आजमगढ़ बैठक में आया हूं। खाद्यान्न आने से धान की तौल नहीं हो पा रही है। दोपहर बाद तौल शुरू हो जाएगी। इस बाबत एडीओ कोआपरेटिव अमिताभ श्रीवास्तव का कहना है कि धान खरीद की गति को तेज करने का प्रयास जारी है।
खरीद न होने से खराब हो रहा धान
रतनपुरा। ब्लाक क्षेत्र में धान खरीद की गति सुस्त चलने से किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अगरपुर के किसान रामायन चौहान का कहना था कि धान की फसल सूखकर तैयार है, लेकिन क्रय केंद्र प्रभारियों की मनमानी से खरीद नहीं हो पा रही है। ठैचा के किसान रामाशंकर यादव का कहना था कि गेहूं की बुआई के लिए पैसे की सख्त जरूरत है, लेकिन धान न बिक पाने से आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। गाढ़ा के किसान संतोष कुमार का कहना है कि धान खरीद न होने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। नगवां के किसान इंद्रदेव का कहना है कि क्रय केंद्र प्रभारियों की मनमानी से धान खरीद के लिए चक्कर काटना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी कड़ी कार्रवाई नहीं की जा सकी है।