नगर के ताजोपुर औद्योगिक क्षेत्र में टूटी सड़क और जाम हुई नालियां।संवाद
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मऊ/बढुआगोदाम। ताजोपुर स्थित औद्योगिक क्षेत्र में सुविधाओं का अभाव है। यहां न तो प्रकाश की व्यवस्था है और नहीं पेयजल की। विभागीय लापरवाही की हद यह है कि यूनिटों को संचालित करने की दिशा में कार्य करना तो दूर इनके लिए कार्ययोजना तक नहीं बनाई जा रही। औद्योगिक क्षेत्र को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल करने की प्रक्रिया भी अधर में है। औद्योगिक क्षेत्र में 291 यूनिटें स्थापित हैं। लेकिन 60 ही संचालित हो रही हैं जबकि 231 इकाइयां बंद पड़ी हैं। उद्यमियों की मानें तो यूपीसीडा के अधिकारियों के मनमाने रवैये के चलते औद्योगिक क्षेत्र को नोएडा, मेरठ और गाजियाबाद की तर्ज पर फास्ट मूव में कर दिया गया है। जिससे उद्यमियों पर टैक्स और रखरखाव का शुल्क बढ़ गया। जिसके कारण 200 से अधिक इकाइयां बंद हो गई हैं। इसका सीधा असर यहां के छोटे उद्योग धंधे पर पड़ा। इसके चलते लूम और जरी के उद्योग बंद हो गए। पिछले पांच सालो में औद्योगिक क्षेत्र में एक भी विकास कार्य नहीं कराया गया। क्षेत्र में सड़क बदहाल हैं, नालियां जाम हैं। बरसात में सड़क पर जलभराव हो गया है। लेकिन इन समस्याओं को दूर करने की बजाय यूपीसीडा टैक्स बढ़ा रही है और समस्याओं का निराकरण नहीं कर रही है। बंद पड़ी इकाइयों को फिर से शुरू करने के लिए उद्यमियों ने यूपीसीडा के अधिकारियों से औद्योगिक क्षेत्र को स्लो मूव में करने की मांग की है। औद्योगिक क्षेत्र को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल करने की प्रक्रिया भी लंबित चल रही है। यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक केएन श्रीवास्तव ने बताया कि जिला प्रशासन से औद्योगिक क्षेत्र को स्लो मूव में करने का पत्र मिला है। प्रक्रिया चल रही है। क्षेत्र में सभी समस्याओं का समय-समय पर निराकरण किया जाता है।