प्राथमिक विद्यालय कटघरा शंकर 2 में टुटी पड़ी हैंडपंप।
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मऊ। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई शुरू हो गई है लेकिन अधिकतर स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त नहीं की जा सकी हैं। किसी विद्यालय में हैंडपंप खराब है तो कहीं शौचालय पर ताला लटका है या इस्तेमाल करने लायक नहीं है। ऐसे में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। एक तरफ सरकार परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प कराकर उन्हें निजी विद्यालयों की तरह बनाने के लिए प्रयासरत है वहीं बहुत से विद्यालयों की दशा खराब है। जिले के कई विद्यालयों में पेयजल, शौचालय सहित विभिन्न बुनियादी सुविधाएं ठीक नहीं हैं। शौचालय बने तो हैं लेकिन रखरखाव के अभाव में उपयोग करने लायक नहीं हैं। बढुआगोदाम : बहरीपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में लगा सबमर्सिबल चोरी हो गया है। विद्यालय परिसर में लगा हैंडपंप प्रदूषित पानी दे रहा है। विद्यालय में बना शौचालय उपयोग करने लायक नहीं है। शौचालय पर हमेशा ताला लटका रहता है। इससे बच्चियों और अध्यापिकाओं को परेशानी होती है। प्रधानाध्यापिका मनोरमा सिंह ने कहा कि सेक्रेटरी और खंड विकास अधिकारी को कई बार पत्र भेजा गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
फतहपुर मंडाव : क्षेत्र के कटघरा शंकर स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर दो के परिसर में लगा हैंडपंप खराब है। बच्चों को एमडीएम के बाद पेयजल के लिए भटकना पड़ता है। अमिला : बड़रांव ब्लाक क्षेत्र के सरयां स्थित कंपोजिट विद्यालय परिसर में लगा हैंडपंप खराब पड़ा है। इसके चलते मध्याह्न भोजन करने के बाद बच्चों को पानी के लिए भटकना पड़ता है।
कोट
खंड शिक्षा अधिकारियों से उनके क्षेत्र में स्थित विद्यालयों में पेयजल, शौचालय आदि की रिपोर्ट मांगी गई है। जहां कमियां हैं दूर कराई जाएंगी।- अशोक गौतम, प्रभारी बीएसए।