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Mau News: साल में लगातार 30 दिन नहीं आने पर बच्चा होगा आउट ऑफ स्कूल

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जिले के परिषदीय विद्यालय में लगातार तीन दिन तक बच्चा स्कूल नहीं आता है तो उसे बुलाने के लिए शिक्षकों की टीम जाएगी। साथ ही बच्चों को स्कूल लाने के लिए विशेष अभियान चलेगा। अधिक दिनों तक बिना सूचना के स्कूल नहीं आने वाले बच्चों के अभिभावकों की काउंसिलिंग कराई जाएगी।
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जिले के 1208 परिषदीय विद्यालयों में 1.12लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। परिषदीय स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कृत किया जाता है। इसके बावजूद विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम रह रही है। विद्यालय में लगातार तीन दिन तक बच्चा स्कूल नहीं आता है तो उसे बुलाने के लिए शिक्षकों की टीम जाएगी। ऐसे बच्चों की लगातार निगरानी कर पता लगाया जाएगा कि किस कारण से बच्चे का स्कूल में मन नहीं लग रहा है। उसके बाद उसकी अभिरुचि के अनुसार शिक्षा देने का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों की माने तो छह से 14 साल का कोई बच्चा स्कूल में नामांकित नहीं है तो वह बिना विद्यालय का माना जाएगा। नामांकन के एक साल में लगातार 30 दिन तक अनुपस्थित रहता है तो उसे आउट ऑफ स्कूल माना जाएगा। अगर वार्षिक मूल्यांकन में 35 फीसदी से कम नंबर मिले हैं तो ऐसे बच्चों के शैक्षिक स्तर सुधार के लिए अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जाएंगी। हर तिमाही होने वाली बैठक में ऐसे बच्चों के अभिभावकों की काउंसिलिंग कराकर पठन-पाठन में सुधार लाने के लिए प्रेरित करेंगे। यदि बच्चा लगातार तीन दिन बिना कारण के अनुपस्थित रहता है तो फोन पर अभिभावक से संपर्क कर बुलावा टोली को भेजा जाएगा। यदि बच्चा छह दिन या उससे अधिक अनुपस्थित रहता है तो प्रधानाध्यापक उसके घर जाएंगे। एक माह में छह दिनों से अधिक अनुपस्थित रहने पर अध्यापक बच्चे के माता-पिता की काउंसिलिंग करेंगे। शिक्षक अभिभावक से मुलाकात कर बच्चे के स्कूल न आने का कारण जानेंगे। टोली के सदस्य अभिभावकों को जागरूक करते हुए बच्चे को रोजाना स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे।

विद्यालय में लगातार तीन दिन तक बच्चा स्कूल नहीं आता है तो उसे बुलाने के लिए शिक्षकों की टीम जाएगी। छात्रों की शत प्रतिशत उपस्थिति को लेकर सभी खंड शिक्षाधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किया गया है।-आलोक कुमार सिंह, जिला समन्वयक, समग्र शिक्षा सामुदायिक सहभागिता
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