मऊ। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस और शिक्षा विभाग के तेवर सख्त दिख रहे हैं। शासन के निर्देश पर जनपद के किसी भी स्कूल के आसपास ऑटो या ई-रिक्शा में बच्चे दिखाई दिए तो चालक और स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी 12 थानों को पत्र भेजकर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल के आसपास चेकिंग के लिए निर्देशित किया है। 18 और 19 फरवरी को पुलिस ने 211 वाहनों का चालान किया, इनमें 21 ऑटो और ई-रिक्शा थे। नियमों को ताक पर रखकर निजी स्कूलों में 7 और 5 सीटर वाहनों से नौनिहालों को स्कूल लाया जा रहा है।
जिले के 542 निजी स्कूलों में 700 वाहन पंजीकृत हैं। ग्रामीण अंचलों में कई ऐसे निजी स्कूल हैं, जिनमें वाहन पंजीकृत ही नहीं हैं। ऑटो से ही सवारियों की तरह बच्चों को लाया जाता है। सात सीट वाली मैजिक में लगभग 15 से 18 बच्चों को ठूंसकर ले जाया जाता है।
कई स्कूल ऐसे जहां खड़े रहते हैं दर्जनों ऑटो और ई-रिक्शा
मऊ। जिला मुख्यालय सहित जनपद के दर्जनों ऐसे बड़े विद्यालय हैं जहां बच्चों को लाने ले जाने के लिए ऑटो, बोलेरो और ई-रिक्शा खड़े रहते हैं। नगर के कंधेरी में केंद्रीय विद्यालय है। वहां एक भी वाहन विद्यालय के नाम से पंजीकृत नहीं है। लेकिन स्कूल के अंदर और वाहर आठ से अधिक बसें, 20 ऑटो और इतने ही ई-रिक्शा खड़े रहते हैं। बसों पर बकायदा केंद्रीय विद्यालय का नाम लिखा है, स्कूल के नाम से पंजीकरण नहीं होने से पता भी नहीं चल पाता कि फिटनेस है या नहीं। विद्यालय प्रशासन का कहना है कि ये सभी वाहन अभिभावकों ने अपने बच्चों को लाने ले जाने के लिए बुक कराए हैं, इन वाहनों से उनका कोई लेना देना नहीं है।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए शासन ने निर्देश जारी किया है। नियम के अनुसार बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के वाहन, ऑटो, ई-रिक्शा या किसी भी छोटे वाहन स्कूली बच्चों को लाने ले जाने के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता है। सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया है, वो अपने आस पास के इलाकों के स्कूलों सुबह और छुट्टी होने के समय पहुंचकर चेकिंग करेंगे। बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। - इलामारन जी, एसपी, मऊ
बिना फिटनेस प्रमाणपत्र लिए कोई भी विद्यालय बच्चों को लाने ले जाने के लिए वाहन नहीं चलाएगा। यातायात पुलिस और एआरटीओ द्वारा कार्रवाई करके सूचना देने पर संबंधित स्कूल को नोटिस जारी किया जाएगा। सहीं जवाब नहीं मिलने पर स्कूल पर कार्रवाई की जाएगी। - संतोष उपाध्याय, बीएसए, मऊ