जिला एवं सत्र न्यायाधीश डाँ. बालमुकुंद ने पत्नी प्रमिला की हत्या के मामले में आरोपी पति सुनील राजभर को सुनवाई के बाद दोषी पाया। उसे आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड जमा हो जाने पर 75 प्रतिशत धनराशि मृतका की माता को देने का आदेश दिया जिससे वह मृतक के बच्चों का पालन पोषण करेगी। मामला रानीपुर थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार सोमारी देवी पत्नी स्व. त्रिभुवन राजभर की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। वादिनी का कथन है कि उसकी पुत्री प्रमिला की शादी हलधरपुर थाना क्षेत्र के इसरतपुर खालिसपुर गांव निवासी सुनील राजभर पुत्र श्रीकांत उर्फ मूढी के साथ हुई थी।
आरोप है कि मृतका प्रमिला अपने मायके में रह रही थी। इसी दौरान आरोपी पति 19 जनवरी 22 को उसके घर आया और शराब के नशे में आरोपी ने फावड़ा से मार कर प्रमिला की हत्या कर दी। मामले में पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।
न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए प्रभारी डीजीसी फौजदारी ने 10 गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है।
जिला जज ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी सुनील राजभर को हत्या का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ ही 25 हजार रुपए अर्थदंड लगाया।