अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट दिनेश कुमार चौरसिया ने दहेज हत्या के मामले में पति ,सास, ससुर और देवर को सुनवाई के बाद दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही कुल 10-10 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। मामला रानीपुर थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार सरायलखंसी थाना क्षेत्र के काझा खुर्द गांव निवासी देवेंद्र पुत्र फूलचंद की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई।
वादी का कथन है कि उसकी लड़की कंचन की शादी 13 मई 2014 को रानीपुर थाना क्षेत्र के घुटमा गांव निवासी अमरजीत पुत्र विजय के साथ हुई थी। आरोप है कि दहेज में मोटरसाइकिल और भैंस की मांग को लेकर 15 अगस्त 2015 को कंचन को उसके पति अमरजीत, सास तारा देवी, ससुर विजय और देवर आशीष ने मार डाला। वादी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने कुल 9 गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा।
बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अमरजीत, तारा देवी, विजय और आशीष को दहेज हत्या का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को दहेज हत्या के मामले में 10- 10 वर्ष का कठोर कारावास की सजा का निर्णय सुनाया। वही प्रताड़ना के मामले में दो-दो वर्ष की कठोर कारावास की सजा के साथ ही 5-5 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। दहेज की मांग के मामले में 1-1 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही 5-5 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर 2-2 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।