फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दहेज हत्या के मामले में पति और सास दोषमुक्त

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो आसिफ इकबाल रिजवी ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति और सास को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। मामला कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा राम अवध विश्वकर्मा की भतीजी सिंधु की शादी भानु प्रताप के साथ हुई थी। आरोप है कि दहेज के लिए सिंधु को 23 अगस्त 2014 को उसके पति भानु प्रताप विश्वकर्मा व सास देवलासी ने खाने में जहर मिलाकर खिला दिया। जिससे सिंधु की मौत हो गई । वादी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सौसरवा गांव निवासी भानु प्रताप विश्वकर्मा व देवलासी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने कुल सात गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से पैरवी करते हुए अधिवक्ता फतेह बहादुर सिंह ने चार गवाहों को पेशकर तर्क दिया कि मृतका स्वयं जहर खा ली थी, उस कोई खिलाया नहीं था। न ही दहेज के लिए कभी भी मृतका सिंधु को प्रताड़ित किया गया। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें