धान की रोपाई के समय में शारदा सहायक खंड 32 में पानी ही नहीं आ रहा है। अघोषित बिजली कटौती तथा फाल्ट के चलते नाम मात्र बिजली मिल पा रही है। अभी तक बारिश भी नाम मात्र ही हुई है। ऐसे में धान की रोपाई प्रभावित हो रही है। हालत यह है कि अभी तक 30 प्रतिशत ही धान की रोपाई हो पाई है।
बड़रांव ब्लाक क्षेत्र में 9576 हेक्टेयर धान की खेती होती है। बड़रांव ब्लाक के राजकीय कृषि बीज भंडार से अब तक 55.2 क्विंटल विभिन्न प्रजातियों वाले धान के बीज की बिक्री हुई है। इसमें एमटीयू- 7029, सीआट्स- 4, बीपीटी- 5204, सांभा सब- 1, एचयूआर- 917 (मालवीय सुगंधा) धान के बीज शामिल हैं।
उधर , ब्लाक क्षेत्र के विभिन्न प्राइवेट बीज भंडार की दुकानों से किसानों ने चिंटुआ, दफ्तरी, कालानमक आदि प्रजाति वाले धान के बीज सर्वाधिक खरीद हुई है। बरसात भी नाम मात्र होने से धान की रोपाई पर विपरीत असर पड़ रहा है। अभी तक 30 प्रतिशत ही धान की रोपाई हो पाई है। धान की रोपाई के समय में शारदा सहायक खंड 32 में अभी तक पानी ही नहीं छोड़ा गया है।
किसानों की मानें तो लंबे समय से इस नहर में पानी ही नहीं आता है। यह नहर किसानों के लिए शो पीस बनकर रह गई है। किसान अपने निजी संसाधनों से ही धान की रोपाई करने में लगे हैं। इस संबंध में क्षेत्र के किसान कमलेश यादव, जगदीश यादव, बेचू राजभर, रामनयन राजभर का कहना है कि शारदा सहायक खंड 32 नहर में बड़रांव ब्लाक क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों एकड़ कृषि उपयोगी भूमि फंसी पड़ी है, लेकिन जरूरत के समय नहर में पानी ही नहीं आता है।
बिजली कटौती तथा फाल्ट के चलते नाम मात्र बिजली मिल पा रही है। नहर को दोहरीघाट पंप कैनाल से जोड़ने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन मामले को लटका दिया गया है। समस्या का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे।