मधुबन तहसील का देवारांचल इलाका इन दिनों बाढ़ग्रस्त क्षेत्र है। इस बीच बाढ़ में सबसे ज्यादा परेशानी इलाज को लेकर भी हो रहा है। भले ही देवारांचल इलाके के पांच किमी के दायरे में तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, बावजूद लोगों को इलाज के लिए दस किमी दूर फतेहपुर मंडाव सीएचसी जाने को बाध्य होना पड़ रहा है। कारण दो अस्पतालों में डॉक्टर नहीं तो एक में डाक्टर हैं तो वह कभी कभार ही अस्पताल में बैठते हैं। उधर, बाढ़ चौकियों के पास भले ही स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई है, लेकिन यहां भी ड्यूटी पर तैनात रहने वाले डाक्टरों ने दूरी बना रखी है।
दोहरीघाट ब्लाक स्थित सुग्गीचौरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक डाक्टर की तैनाती है, लेकिन बृहस्पतिवार को अमर उजाला टीम जब पहुंची तो यहां एएनएम दवा वितरित करती मिलीं। बताया कि डॉक्टर जिला मुख्यालय पर तो फार्मासिस्ट के दवा लाने के लिए जिला मुख्यालय लाने गए हैं। ग्रामीण सियाराम यादव ने बताया कि दो दिन पहले उनके उंगली में सांप काट लिया था। लेकिन बाढ़ चौकी से लेकर तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोई डाक्टर न होने पर वह मजबूरन अपने परिवार के एक सदस्य के साथ पानी से पहले बंधा पहुंचे, उसके बाद दस किमी सफर तयकर फतेहपुर मंडाव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर अपना इलाज कराया। इसी तरह से मुन्ना, रामचरन, श्रीराम, बब्बन आदि ने बताया कि बाढ़ग्रस्त इलाका होने के चलते इन दिनो डायरिया, बुखार, चर्म रोग से हर दूसरा से तीसरा घर का कोई न कोई सदस्य प्रभावित है। लेकिन न तो सरकारी दुबारी, तिघरा और सुग्गीचौरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कोई उपचार की व्यवस्था है। दो अस्पताल दुबारी, तिघरा में तो डाक्टर साहब लोग ही नहीं है, ऐसे में वह मजबूरन दस किमी दूर फतेहपुर मंडाव सामुदायिक अस्पताल या निजी अस्पताल में इलाज कराने को बाध्य हो रहे हैं।
बाढ़ चौकी, फार्मासिस्ट मिले, डाक्टर साहब ही मिले गायब
बाढ़ को देखते हुए दुबारी में बाढ़ चौकी बनाई गई है, इसमें राजस्व विभाग से लेखपाल, पशुपालन विभाग से पशु चिकित्सक, सुरक्षा को एक सुरक्षाकर्मी और स्वास्थ्य विभाग से डाक्टर सहित एक टीम की तैनाती है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला टीम को यहां सभी कर्मी मिले, लेकिन यहां तैनात चिकित्सक ही नदारद मिले। आस पास के लोगों ने बताया कि यहां डाक्टर साहब कब आते है कब जाते हैं यह जानकारी किसी को है ही नहीं। वहीं इस संबंध में फतेहपुर मंडाव सीएचसी प्रभारी डॉ. राजीव पांडेय ने कहा कि डाक्टर की ड्यूटी है, बावजूद डाक्टर वहां नहीं पहुंच रहे हैं तो इसकी जानकारी ली जाएगी।
सुग्गीचौरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की तैनाती है, तिघरा में तैनात चिकित्सक प्रशिक्षण में हैं। वहीं दुबारी में डाक्टर न होने से यहां मरीजों का उपचार की जिम्मेदारी सीएचओ को दी गई है। -डॉ.बीके यादव, एसीएमओ