जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में कर-करेतर राजस्व की वसूली और सीएम डैशबोर्ड पर आधारित राजस्व कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इस दौरान व्यापार कर में 55.15 प्रतिशत, स्टांप रजिस्ट्रेशन में 90.34 प्रतिशत, परिवहन कर में 80.39 प्रतिशत, आबकारी में 85.85 प्रतिशत खनन में 45.16 प्रतिशत, विद्युत देय में 82.09 प्रतिशत की वसूली पाए गई। भू-राजस्व कर के लिए निर्धारित वसूली सितंबर से अक्टूबर तक जनपद ने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत प्राप्त हुई। खनन विभाग में अभी तक मात्र 45.16 प्रतिशत वसूली पर वसूली बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए। राजस्व वादों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान पांच वर्ष से अधिक विभिन्न धाराओं में लंबित समस्त वादों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा।
आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र और निर्विवाद उत्तराधिकार की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने समस्त उप जिला अधिकारियों को अनावश्यक देरी करने वाले लेखपालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा। धारा-67 में पारित बेदखली के आदेशों का तत्काल मौके पर अनुपालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से निस्तारण और आपदा के मामलों में पीड़ित को शीघ्र ही अनुग्रह राशि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 10 बड़े बकायेदारों से वसूली की समीक्षा के दौरान बैंक खातों को सीज करने और नीलामी प्रक्रिया अपनाते हुए बकायेदारों से वसूली सुनिश्चित करने को कहा। अधिशासी अधिकारियों को नगरीय क्षेत्रों में नालों और नालियों की नियमित साफ-सफाई करने के साथ ही नियमित रूप से एंटी लार्वा के छिड़काव और फॉगिंग कार्य भी करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी लवकुश त्रिपाठी, अपर जिला अधिकारी सत्यप्रिय सिंह, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।