मऊ। कोरोना संक्रमण के विपरित परिस्थिति में भी जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं कम होती नहीं दिख रही है। इस समस्या को लेकर अमर उजाला ने मंगलवार के अपने अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस बीच बुधवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंतेखाब आलम तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव डॉ. जनक कुशवाहा ने जिला अस्पताल में सुविधाओं का जायजा लेने इमरजेंसी सेवा में पहुंचे। यहां उन्हें कोई डॉक्टर ड्यूूटी पर नहीं मिला। जबकि मौके पर फार्मासिस्ट मरीजों का उपचार करते मिले। इस पर जिलाध्यक्ष ने सीएमएस से मिलकर इसको लेकर कड़ी नाराजगी जताते हुए ऐसी लापरवाही न करने की बात कही।
बुधवार को कांग्रेस के जिलाध्यक्ष इंतेखाब आलम, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव डॉक्टर जनक कुशवाहा, शहर अध्यक्ष विष्णु कुशवाहा के साथ दोपहर 2 बजे अस्पताल पहुंचे। जिलाध्यक्ष को इमरजेंसी कक्ष में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं मिला, वहीं फार्मासिस्ट मरीजों का इलाज करते मिले। वहीं जिलाध्यक्ष को वार्ड में गंदगी तथा अव्यवस्थाएं मिला। इस समस्या को लेकर जिलाध्यक्ष सीएमएस डॉ. बृजकुमार से मिले। जहां उन्होंने इमरजेंसी में चिकित्सक न होने पर नाराजगी जताते हुए पूछा क्या जिला अस्पताल की इमरजेंसी केवल फार्मासिस्ट के सहारे संचालित होती है।
इस बीच उन्होंने मंगलवार को अमर उजाला द्वारा प्रकाशित खबर इमरजेंसी में डाक्टर नहीं, हंगामा को हवाला देते हुए अस्पताल की इस लापरवाही पर नाराजगी जताई। वहीं डॉ.जनक कुशवाहा ने कहा कि जिले में प्राइवेट हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में सामान्य से तीन गुनी फीस ली जा रही है। कहा कि जिला अस्पताल में वेंटीलेटर है, लेकिन इसका प्रयोग नहीं हो रहा। महामारी के इस दौर में वेंटीलेटर को चालू कराया, जिससे लोगों को इसका लाभ मिल सके।इससे पहले जिलाध्यक्ष सहित अन्य प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने भर्ती मरीजों से मिलकर उन्हें मिल रही सुविधा के बारे में जानकारी ली। इस दौरान गौरव राय, शशिकांत राय, अकरम प्रीमियर, मोनिस खान, प राजकुमार राय, मानवेंद्र बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।