सूचना पर पहुंची पुलिस की दो टीमों ने घेराबंदी की, इस बीच एक पिकप वाहन मुहम्मदाबाद गोहना की तरफ से आकर गाजीपुर की तरफ सर्विस रोड पर चढ़ा कि सर्विस रोड के आखिरी छोर पर पहुंचने से कुछ दूर पहले ही पुलिस टीम द्वारा रोकने का प्रयास किया गया।
इस बीच, पुलिस को देखकर पिकप चला रहे व्यक्ति द्वारा सामने पुलिस बल को देखकर पिकप को पीछे मोड़कर भागना चाहा की जगह कम होने के कारण फस गया कि सभी पुलिस टीम द्वारा एकबारगी घेरघार कर पिकप को रोक लिया गया। जहां तलाशी में पुलिस टीम ने चार डायलिसिस मशीन को बरामद किया।
पकड़े गए दोनों की पहचान डॉ. अमरनाथ दीक्षित निवासी 4/525 विभव खण्ड थाना गोमतीनगर कमिश्नरेट लखनऊ जबकि राजकुमार निवासी कठौता वास्तु खण्ड थाना गोमतीनगर जनपद के रूप में हुई। आरोपी अमरनाथ ने पुलिस को बताया कि वह लखनऊ में कई अस्पतालो का मैनेजमेंट देखता है तथा लोन भी लिया था और काफी आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।
इस बीच, उसको एक टेक्निशियन जिसका नाम विशेष यादव उसने बताया की मऊ में आजमी हॉस्पिटल में डायलसिस मशीने रखी गयी है, उसको चुराकर बेचा जा सकता है। जिसके बाद उसने अपने साथी सुमित गौतम, विशेष यादव, अंश, पंडित, बबुआ और अन्य के साथ योजना बनाकर बीते बृहस्पतिवार की देर रात करीब डेढ़ बजे डायलिसिस मरीज बनकर पहुंचे और स्वास्थ्यकर्मी को बंधक बनाकर यह मशीनों को लेकर लखनऊ चले गए।
यहां लखनऊ में पकड़े जाने के डर से डायलसिस मशीनों को पूर्वांचल में ही बेचने के लिए लखनऊ से लेकर गाजीपुर की तरफ जा रहे थे। एसपी ने इस मामले में एसपी डॉ. इलामारन जी. ने गिरफ्तारी करने वाली टीम को 15 हजार रुपये नकदी के पुरस्कार से सम्मानित किया।