सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बबुआपुर गांव में रिहायशी मड़ई में लगी आग का बुझाने का प्रयास करते ग्रामीण।
गेहूं की फसल का डंठल जलाते समय धधकी आग से चक्की मुसाडोही में 19 परिवारों की मड़इयां जलकर राख हो गईं। इसमें घर-गृहस्थी का सामान सहित लाखों की क्षति हुई। सभी परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए। ग्रामप्रधान नंदलाल यादव ने सभी पीड़ित परिवारों को खाने-पीने की व्यवस्था करने की बात कही। इस अगलगी में कई लोग आग बुझाते समय मामूली रूप से झुलस भी गए।
तहसील क्षेत्र का ग्राम सभा चक्की मुसाडोही सुदूर क्षेत्र में बसा है। सोमवार को लगभग डेढ़ बजे गांव के बाहर कंबाइन मशीन से गेहूं की कटी फसल को किसी ने जला दिया। बताया जाता है कि उस समय तेज हवा से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। एकाएक आसपास की मड़इयां जलनी शुरू हो गईं।
पूरे पूरवे में चीख पुकार मच गई। लोग अपने बचाव में भागने लगे। पशुओं को किसी तरह निकाल कर हांका गया। बावजूद कई लोग और पशु झुलस गए। मधुबन से चक्की की दूरी इतनी है कि जब तक फायर ब्रिगेड कर्मी पहुंचते तब तक सब कुछ जलकर राख हो गया था।
इस अगलगी में शिवशंकर, रामभवन, नगीना, राजकुमार, लालबहादुर, किरसा, रघुनाथ, भूपेंद्र, झींगुर, अमरजीत, राजेंद्र, अखिलेश, रामप्यारे, रामसमुझ, रामाश्रय, अमर, मुन्ना तथा मुसाफिर प्रसाद की लगभग तीन दर्जन लोगों की मड़ई। आग से आशियाना जलने से लोग खुले आसमान के नीचे आ गए।