स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई की ओर से रविवार को नगर के पालिका कम्यूनिटी हाल में आशा दिवस/सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें आशाओं तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के संचालकों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. नंदलाल यादव ने कहा कि 23 अगस्त को भारत सरकार ने आशा दिवस घोषित कर आशा सेविकाओं का सम्मान बढ़ाया है। यह हम सबके लिए गर्व की बात है।
स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने वाली प्रथम इकाई के आशा सेविका के नाम पर ही स्वास्थ्य विभाग में प्रतिवर्ष 23 अगस्त को आशा दिवस मनाया जाता है।
इसी क्रम में डीसीपीएम संतोष सिंह ने कहा हम मानते हैं कि आशाओं द्वारा जिस कर्मठता से ग्रामीण जनता के बीच राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के कार्यों को संचालित किया जा रहा है, उसके बदले में उनका मानदेय बहुत ही कम है।
स्वास्थ्य विभाग की कोई भी योजना आशाओं के सहयोग के बिना लक्ष्य को प्राप्त प्राप्त नहीं कर सकतीं। सिफसा के प्रतिनिधि संजय श्रीवास्तव ने कहा कि इस सम्मेलन से एक-दूसरे के कार्यों से भलीभांति परिचित होते हैं। इसी क्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बृज कुमार ने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान आने वाली चुनौतियों एवं कठिनाइयां की जब यहां आशाओं द्वारा चर्चा की जाती है,
तो वहीं उन्हीं चर्चाओं की बीच उनका समाधान भी निकल कर आता है। जिसके परिणाम स्वरूप अन्य आशाओं में जागृति का भाव उत्पन्न होता है। सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रथम पुरस्कार नुक्कड़ नाटक परदहां को मिला। जबकि, द्वितीय पुरस्कार संतोषी रतनपुरा एवं तृतीय पुरस्कार संगीता सिंह रानीपुर को मिला।
अन्य आशाओं को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा महिला ग्रामोद्योग सेवा समिति, नेहरू युवा सामाजिक समरसता सेवा समिति, भगवान मानव कल्याण समिति, ऋतिका संस्थान मऊ को आशा कार्यक्रम में स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।