महंगे मोबाइल का लालच देकर एक युवक का उसके दो साथियों ने ही अपहरण कर लिया। यही नहीं, उन्होंने युवक के घर वालों को फोन कर दस लाख रुपये फिरौती भी मांग ली। शिकायत के बाद जब पुलिस सक्रिय हुई तो शनिवार की सुबह युवक को उसके साथी थानीदास मोड़ पर छोड़कर फरार हो गए। युवक से पूछताछ कर पुलिस साजिश रचने वालों की तलाश कर रही है।
घोसी कोतवाली क्षेत्र के खत्रीपार गांव निवासी सुग्रीव का पुत्र राहुल शुक्रवार को अपनी मां मुराती देवी के साथ प्याज बेचने घोसी बड़ागांव बाजार गया था। वहां से वह अपनी मां से पैसे लेकर नाश्ता करने साइकल से रोडवेज चला आया। यहां एक दूकान पर साइकल रखकर वह लापता हो गया। इंतजार करते-करते उसकी मां घर चली गई।
उधर, रात में राहुल के भाई रामकुंवर के मोबाइल पर एक मैसेज आया। इसमें राहुल के बदले दस लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई थी। रात लगभग नौ बजकर 20 मिनट पर धमकी भरा एक फोन भी आया।
बदमाशों ने कहा कि राहुल का अपहरण कर लिया गया है। दस लाख रुपये दोहरीघाट घाघरा पुल पर पहुंचा दो और राहुल को ले जाओ नहीं तो उसे जान से मार दिया जाएगा। फिरौती और अपहरण की बात सुनकर परिवार के सदस्यों के होश उड़ गए।
राहुल के पिता सुग्रीव ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने जब उस नंबर पर फोन कर दबाव बनाना शुरू किया तो वे घबड़ाने लगे। दूसरे दिन शनिवार को वे राहुल को घोसी के थानीदास मोड़ पर छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस ने राहुल से जब इस बाबत पूछताछ की तो यह उसके साथियों की ही करतूत निकली। राहुल ने बताया कि उसके दो साथी उसे महंगा मोबाइल दिलाने का लालच देकर गोरखपुर ले गए थे। वहां उसे एक कमरे में रखा गया।
बकौल राहुल उसे बताया गया कि तुम्हारे पिता से दस हजार रुपये की मांग की जा रही है। उस रुपये से तुम्हें मोबाइल दिलाया जाएगा पर उसके साथी दस हजार की जगह दस लाख रुपये मांगने लगे। बाद में पुलिस का दबाव बढ़ने पर वे उसे थानीदास छोड़कर भाग गए। पुलिस राहुल के साथियों की तलाश कर रही है।
प्रभारी कोतवाल राकेश जायसवाल का कहना है कि फिरौती का मामला झूठा है। राहुल के दोनों साथियों की तलाश की जा रही है।