मऊ। दो माह की छुट्टी के बाद भी स्कूल संचालकों ने बसों की मरम्मत नहीं कराई। इन्हीं अनफिट स्कूल वाहनों से छात्रों को ढोया जा रहा है। जबकि पिछले सत्र में अनफिट स्कूली वाहनों से तीन हादसे भी हो चुके हैं, बावजूद न तो इसको लेकर पुलिस प्रशासन न कोई कार्रवाई कर रहा है न ही परिवहन विभाग। परिवहन विभाग का दावा है कि स्कूल खुलने पर नोटिस जारी कर चेताया गया था, बावजूद अनफिट बसों का संचालन होते मिला तो कार्रवाई की जाएगी।
जबकि दूसरी तरफ नगर के साथ मधुबन, घोसी, मुहम्मदाबा गोहना में खुलेआम जहरीले धुआं उड़ाते अनफिट स्कूल बसें बच्चों को ले जा रही हैं। परिवहन विभाग का दावा है कि जुलाई में स्कूल खुलते ही एक और दो जुलाई में 50 से ज्यादा निजी स्कूल जिसमें 52 स्कूल बस अनफिट मिली थी। जिसके बाद संबंधित को नोटिस जारी किया गया था। उधर इसके बावजूद इन पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा और बच्चों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। शनिवार को टीम को गाजीपुर तिराहा पर दस से ज्यादा सकूली वाहन ऐसे मिले जो कि बेहद काला धुआं उगल रहे थे। यह स्कूली वाहन नगर के फातिमा तिराहा, गाजीपुर तिराहा से होकर गुजरे। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 542 निजी स्कूलों मेें लगभग 700 वाहन पंजीकृत हैं। आए दिन हादसों के बाद भी जिले में ओवरलोड स्कूली वाहनों पर लगाम नहीं लग पा रही है। अधिकारियों की मानें तो स्कूल बसों तथा वाहनों में अग्निशमन किट, फर्स्ट एड बॉक्स होने पर ही फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।