बाहर से कुछ इस तरह से सवारी भरकर जाती हैं बसें।
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रोडवेज की बसें डिपो में न आकर हाइवे से ही सवारी लेकर निकल जा रहीं। ऐसे में दूर दराज की यात्रा करने वाले लोगों को दिक्कतें आ रही। ऐसा चालकों की मनमानी की वजह से हो रहा है। चूंकि रोडवेज परिसर में डिपो का निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में बस चालक परेशानियों से बचने के लिए बसों को यहां नहीं ला रहे। उधर, अधिकारी शिकायत को गंभीरता से नहीं ले रहे। जिससे समस्या लगातार गंभीर होती जा रही।
सहादतपुरा स्थित रोडवेज परिसर में नवीन भवन का निर्माणकार्य कराया जा रहा है। निर्माण कार्य के चलते रोडवेज परिसर में गोरखपुर और काशी डिपो की बस चालकों द्वारा परेशानियों से बचने के लिए रोडवेज परिसर पर जाने के बजाए राष्ट्रीय राज्यमार्ग 29 और गाजीपुर तिराहे पर कुछ देर खड़ी होकर वहां से सवारी भरकर रवाना हो रही हैं। रोडवेज से रोजाना गोरखपुर रूट के लिए 10 बसें और बनारस रूट की 20 बसों का डिपों में ठहराव है। लेकिन दो माह से रोडवेज परिसर में बन रही नई बिल्डिंग के निर्माण के चलते इन रूट के ड्राइबर डिपो में आने के बजाए सीधे एनएच 29 से निकल जा रहे है। जहां काशी डिपो की बसें गोरखपुर, बलिया जिले से आते हुए रोडवेज आने के बजाए गाजीपुर तिराहा होते हुए सीधे गाजीपुर के लिए निकल जा रहे है। जबकि बनारस की तरफ से गोखरपुर- सौनाली जाने वाली बसें भी गाजीपुर तिराहा, भीटी चौराहा होते हुए सीधे दोहरीघाट, घोसी होते हुए गोखरपुर के निकल जा रही है।
डिपो इंचार्ज राकेश पांडेय ने बताया कि डिपो परिसर में नवीन भवन बनाने का कार्य चल रहा है। इसके चलते डिपो में कुछ बस चालक डिपो में आने के बजाए सीधे निकल जा रहे है। ड्राइबरों की इस मनमाने रवैया को लेकर उन्होंने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। शुक्रवार को रोडवेज में गोरखपुर और बनारस की ओर जाने वाले यात्री बस न आने से परेशान होते रहे। नगर के चौक निवासी मोहम्मद आमिर ने बताया कि वो गाजीपुर जाने के लिए बस पकड़ने के लिए रोडवेज आया था, लेकिन बस न होने से वो प्राइवेट बस से गाजीपुर गई। इसी तरह घास बाजार निवासी ममता भी गाजीपुर जाने के लिए एक घंटे तक बस का इंतजार के बाद दूसरे वाहन से गाजीपुर रवाना हुई। जबकि भीटी के अरविंद्र और बबलू गुप्ता को घोसी जाना था, लेकिन गोरखपुर रूट की बस न आने से वो मजबूरन ब्रहमस्थान पहुंचकर निजी बस से रवाना हुए।