मऊ। जिले के पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगे हेल्थ एटीएम शोपीस साबित हो रहे हैं। कहीं नेटवर्क की समस्या के कारण तो कहीं इंस्टालेशन नहीं होने की वजह से आधुनिक मशीनों का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा। ऐसे में जांच कराने के लिए लोगों को निजी केंद्रों पर जाना पड़ता है। 25 लाख की आबादी वाले जिले के पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों मुहम्मदाबाद गोहना, घोसी, रतनपुरा, फतेहपु़र मंडाव, दोहरीघाट में मरीजों की सुविधा के लिए लाखों रुपए की लागत से हेल्थ एटीएम लगाई गई थीं। इनके जरिये 42 प्रकार की जांच के साथ मात्र 10 मिनट में रिपोर्ट मिलने की सुविधा है। लेकिन जांच किट, टेक्नीशियन, और कनेक्टिविटी के अभाव में मशीनें शोपीस बनकर रह गई हैं। मशीन से केवल ब्लड प्रेशर, वजन और शुगर जांच हो रही है। मुहम्मदाबाद गोहना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक वर्ष पूर्व लगा हेल्थ एटीएम मशीन कनेक्टिविटी के अभाव अभी तक चालू नहीं किया जा सका है।जबकि रतनपुरा सीएचसी में हेल्थ एटीएम मशीन से सोमवार को 65 मरीजों का जांच किया गया। लेकिन चौकाने वाली बात है कि इस मशीन से सीबीसी की जांच किट के अभाव में बीते 13 अगस्त से बंद है। वहीं, दोहरीघाट सीएचसी में बीपी. शुगर, वजन, लंबाई और तापमान के अलावा कोई जांच नहीं होती। इसी तरह से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर मंडाव में सोमवार को आठ मरीजों का शुगर, लंबाई. वजन. तापमान का जांच किया गया, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोसी में लयी हेल्थ एटीएम से सोमवार को मात्र तीन मरीजों का जांच हो पाई। यहां इंटरनेट कनेक्शन फेल होने के कारण जांच नहीं हो पाती है। इस मामले में सीएमओ डॉ. नंद कुमार कहा कि यदि कहीं नेटवर्क की समस्या है तो उसे जल्द दूर करा दिया जाएगा। इस समस्या को लेकर सीएचसी प्रभारियों से बात की जाएगी।