मुहम्मदाबाद गोहना रेलवे स्टेशन पर विकलांग यात्रियों के लिए बनाए गए रैम्प को फिर से बनाने के लिए
मुहम्मदाबाद गोहना रेलवे स्टेशन पर दिव्यांगो के लिए बन रहा रैंप एक साल में तीसरी बार तोड़ा जा रहा है। ऊंचाई अधिक होने के कारण ट्राईसाइकिल से चढ़ने में परेशानी होती, जिसे देखते हुए डीआरएम वाराणसी ने तोड़कर नए सिरे बनाने का निर्देश दिया था।
दिव्यांगों के लिए टिकट खिड़की पर एक साल पहले रैंप का निर्माण शुरू हुआ। गुणवत्ता खराब होने के कारण दो बार कार्यदायी संस्था से रैंप तोड़ने को कहा गया था।
बीते 25 जनवरी को वाराणसी डीआरएम आशीष जैन ने मंडलीय अधिकारियों के साथ मुहम्मदाबाद गोहना रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर निरीक्षण किया था। इस दौरान दिव्यांगों के लिए बन रहे रैंप की बारीकी से जांच की।
मानक के अनुरूप निर्माण नहीं पाए जाने पर उसको तोड़कर फिर से बनाने का निर्देश दिया था। कारण ऊंचाई अधिक होना बताया था।
समाज सेवी अनमोल साहू, जगदीश गुप्ता, संजीव आदि लोगों ने उनको अवगत कराया था कि विकलांग यात्रियों के लिए बनाए गए रैंप की ऊंचाई अधिक होने के कारण उसपर ट्राइसाइकिल से चढ़ने पर वापस आने लगेगी।
बस स्टेशन अधीक्षक सूर्यनाथ गोड़ ने बताया कि इसे निरीक्षण के दौरान सही नहीं पाया गया था। डीआरएम ने उच्च अधिकारियों और ठेकेदार को भी ऊंचाई कम करने को कहा था।