दोहरीघाट ही नहीं जिले के रसूलपुर से लेकर मधुबन तहसील क्षेत्र तक घाघरा विनाश लीला शुरू दी है। इसक्रम में शुक्रवार को जहां दोहरीघाट स्थित मुक्तिधाम पर शवदाह के लिए बनाई गई दिवार का 20 मीटर का हिस्सा गिरकर घाघरा में समा गया।
वही कटान की जद में डीह स्थान से लेकर अन्य कई स्थान आ चुकें हैं। रामपुर धनौली गांव तो सीधे कटान की जद में आ गया है। शुक्रवार को घाघरा की स्थित भयावह होने की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव दोहरीघाट पहुंचे भी थे।
मधुबन संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में घाघरा आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। नदी के जल स्तर में हो रही बढ़ोत्तरी से लोग बाढ़ का पूर्वानुमान लगानें लगें हैं। हालांकि शुक्रवार को एसडीएम मधुबन सूर्यकांत त्रिपाठी ने बाढ़ क्षेत्रों का दौरा किया।
इस दौरान उन्होंने जल्द ही घाघरा के पानी की जद में आने वाले रसूलपुर आश्रम के 14 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए नोटिस जारी किया। बताते चले यह स्थान कटान की जद में है, और अभी भी वहीँ पर स्थित है। शुक्रवार को नदी गौरीशंकर घाट पर 20 घंटे में 10 सेमी से ज्यादा बढ़ी है। नदी की बढ़ती हुई रफ्तार पर स्थानीय प्रशासन बेहद गम्भीर है।