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बिंदटोलिया गांव में एक हफ्ते हो रही कटान

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दुबारी (मऊ)। जिले में हुई भारी बारिश के बाद घाघरा नदी के उग्र होने से मधुबन तहसील क्षेत्र के धर्मपुर बिशुनपुर के बिंटोलिया पुरवा में कटान जारी रहने के एक हफ्ता बाद भी कटान रोकने के लिए उपाय नहीं किया जा सका है। हालत यह है कि नदी कटान करत बिंदटोलिया गांव के बिल्कुल करीब आ गई है। इससे गांव के नदी में विलीन होने का खतरा बढ़ गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से 12.34 करोड़ की लागत से ड्रेजिंग डाईवर्जन चैनलाइजेशन परियोजना का कार्य ठप होने से गांव के लोग दहशत में जी रहे हैं। शिकायत के बाद भी विभाग द्वारा कटान रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाया जा सका है।
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नदी कटान करते पुरवे से चार फीट का फासला रह गया है। कटान समस्या से निजात दिलाने के लिए शासन की तरफ से मार्च 2021 में 12.34 करोड़ के लागत छह किमी लंबा और 30 मीटर चौड़ा और तीन मीटर ड्रेजिंग डाईवर्जन चैनलाइजेशन परियोजना स्वीकृत किया गया। जून 2021 में परियोजना को पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की गई है। कार्यदायी संस्था उप्र पावर कार्पोरेशन लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी गई है।चक्रवाती तूफान के चलते नदी का जल स्तर बढने के चलते गत 26 मई से परियोजना का कार्य ठप है।
नदी के कटान की तीव्रता तेज रहने से गांव के विलीन होने का खतरा बढ़ गया है। घाघरा में हो रही कटान से रामजीत सहानी, भुपेंद्र सहानी, धर्मेंद्र सहानी, रविंद्र सहानी, रामलाल सहानी, रामदेव सहानी, अजय सहानी, रामविलास, गोरख लाली सहित दर्जनों लोगों के आशियानों के नदी में विलीन होने का खतरा बढ़ गया है। इस बाबत उप्र पावर कारपोरेशन लिमिटेड के सहायक अभियंता दिलीप कुमार का कहना है कि चक्रवाती तूफान के चलते प्रोजेक्ट बंद चल रहा है। मौसम सामान्य होते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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28 माह पूर्व बिंदटोलिया से पांच किमी दूर थी नदी
फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के धर्मपर बिशुनपुर गांव के बिंदटोलिया पुरवे से घाघरा नदी लगभग पांच किमी दूर थी। अब नदी बिंदटोलिया के करीब आ गई है। वर्ष 2019 से नदी ने कटान शुरू किया। लगभग ढाई किलोमीटर की लंबाई में कटान हर वर्ष हो रही है। अब तक लगभग दो हजार एकड़ उपजाऊ जमीन कट कर घाघरा में विलीन हो चुकी है। जबकि बिंदटोलिया गांव में कटान होने से पिछले वर्ष लगभग 50 परिवार बेघर हुए। जिसमें 30 कटान पीड़ितों को प्रशासन की तरफ से आवास के लिए जमीन आवंटित की गई। जबकि 20 परिवार आज भी प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
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