राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान बुधवार को रोडवेज बसों के
पहिए नहीं हिले। वहीं कर्मचारियों ने रोडवेज के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और
केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी की।
इस दौरान यात्रियों को काफी
दिक्कतों को सामना करना पड़ा। हड़ताल के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर जिला
पुलिस प्रशासन ने रोडवेज पर पीएसी तैनात कर रखी थी।
रोडवेज परिसर में
वर्तमान समय में कुल 38 बसे हैं। लेकिन बुधवार को एक भी रूट पर किसी भी
बसों का संचालन नही हुआ। यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रवेश
कुमार सिंह के नेतृत्व मे कर्मचारियों ने बुधवार को केंद्र सरकार के खिलाफ
जमकर प्रदर्शन किया।
उन्होंने केंद्र सरकार से काला कानून वापस लेने की
मांग की। प्रदर्शन के दौरान प्रवेश कुमार सिंह ने कहा कि जिस प्रकार से
केंद्र सरकार ने बस संचालन के दौरान दुर्घटना में मौत होने पर चालक को तीन
लाख जुर्माना और सात साल की जेल का प्रावधान गलत है।
प्रदर्शन के दौरान
मुख्य रूप से रमाकांत शर्मा, रवीन्द्र, मनोज, महमूद, दीपक यादव, जगई कुमार
आदि शामिल रहे। दोहरीघाट संवाददाता के अनुसार बुधवार को श्रमिक संगठनों की
हड़ताल के दौरान रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने
रोडवेज के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्य रुप से देवेंद्र कुमार
सिंह, सलाजीत मिश्रा, बब्बन यादव, ओंकार राम, लालचंद आदि मौजूद रहे।