रानीपुर। उत्तर प्रदेश बुनकर वाहिनी की रानीपुर ब्लाक के ताहिरपुर गांव में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में सरकार चार लेबर कोडों को श्रमिक विरोधी बताया गया।
इस मौके पर बुनकर वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष एकबाल अहमद अंसारी ने कहा कि चार लेबर कोड श्रमिक विरोधी हैं। नए कोड के तहत काम के 12 घंटे करने, छंटनी की छूट देने, पचास से कम मजदूरों को रखने वाले ठेकेदारों को पंजीकरण से मुक्त करने, प्रदेश में 1000 दिन तक नई औद्योगिक इकाइयों का श्रम कानून लागू करने से छूट, घरेलू काम में लगे मजदूरों को औद्योगिक संबंध कोड से बाहर करने आदि की व्यवस्था लाई जा रही है। इससे मजदूरों के अधिकार छिन जाएंगे। उन्होंने बुनकरों व किसानों के बिजली के सभी बकाये को माफ करने, निशुल्क बिजली देने, बुनकरों व किसानों के बच्चों को शिक्षा, चिकित्सा और कोरोना महामारी में राहत पैकेज देने, बुनकरों व किसानों को लाल राशन कार्ड देने की मांग की। उन्होंने आगे कहा कि सरकार नए लेबर कोड को निरस्त करने के लिए प्रदेश विधान सभा से तत्काल प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजे। 1000 दिनों तक श्रम कानून लागू न करने के शासनादेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत ठेका मजदूरों को नियमित किया जाए और सेवानिवृत्ति के समय उन्हे पेंशन ग्रेच्युटी संवैधानिक अवकाश दिया जाए। कहा कि प्रदेश सरकार बुनकर, खेतिहर किसान, छोटे मझोले किसानों से जुड़े घरेलू कामकाजी महिलाओं को दो हजार मासिक पेंशन देने की घोषणा करें। बैठक में दूधनाथ, त्रिभूवन राम, राजा राम, मुनेश्वर राम, प्रदीप यादव, चंदेल राम, मुकेश कुमार, मनोज कुमार, गुलाबी देवी, संगीता, गीता, शांति, मंजू ,तेतरी मौजूद रही।