मऊ/इंदारा। लोगों की शिकायत पर प्लेटफार्म नंबर चार पर शेड लगाने का आश्वासन देकर गए जीएम लेकिन कोई कवायद नहीं की गई। इसका परिणाम है कि यात्री धूप में खड़ा होकर ट्रेन का इंतजार करते हैं। ऐसे में शुक्रवार को पुन: जीएम पूर्वोत्तर रेलवे का स्टेशन पर आगमन हो रहा। ऐसे में लोगों के बीच एक बार फिर से स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर टीन शेड नहीं लगने की चर्चा हो रही है। हालांकि 12 मार्च को जीएम के आगमन को लेकर बृहस्पतिवार को स्टेशन को सजाने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा था। लेकिन टीन शेड को लगाने पर कोई कवायद नहीं की गई।
मुख्यालय स्थित रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर शेड की व्यवस्था न होने से यात्रियों को ठंड के मौसम को छोड़ दिया जाए तो गर्मी में धूप और बरसात में भीगकर ट्रेन पकड़ना होता है। यात्रियों के साथ विभिन्न संगठनों की मांग पर भी रेलवे इस प्लेटफार्म पर टीन शेड लगवाने का आश्वासन दिया था। लेकिन आज तक शेड का कार्य शुरू नहीं हो सका। इसीक्रम में इंदारा जंक्शन पर बीते कई माह से ओवर फूड ब्रिज क्षतिग्रस्त होने के कारण लोग एक प्लेटफार्म से दूसरे पर जाने के लिए यात्रियों को पैदल यात्रा करनी होती है।
संभावना है कि शुक्रवार को वार्षिक निरीक्षण में महाप्रबंधक की नजर इस खामी पर जाए, जिसके बाद यह खामी में सुधार हो सके। महाप्रबंधक के निरीक्षण से पूर्व मऊ जंक्शन पर छोटी से लेकर बड़ी खामियों को दुरुस्त करने में स्थानीय अधिकारी-कर्मचारी जुटे हैं। इतना ही नहीं डीआरएम वीके पंजीयार सहित दूसरे रेलवे अधिकारियों द्वारा कई बार मऊ जंक्शन का निरीक्षण कर समीक्षा कर खामियों को दूर कराने का निर्देश दिया जा रहा है। लेकिन प्लेटफार्म चार पर शेड का कार्य पर किसी की नजर नहीं जा रही है। वर्तमान में इस प्लेटफार्म पर आखिरी छोर पर करीब 100 मीटर का शेड है, जो कि नाकाफी है। ऐसे में इस प्लेटफार्म से गुजरनी वाली ट्रेनें साबरमति, सरयु यमुना एक्सप्रेस सहित दूसरी ट्रेनों के यात्री का खुले में इंतजार करना पड़ता है।
इंदारा में पैदल पुल हटा दिया, बनाया नहीं
दूसरी तरफ इंदारा जंक्शन पर 2018 नवंबर में जर्जर पैदल पुल तोड़कर हटा दिया गया। 20 वर्ष से ज्यादा समय से बने फुटओवरब्रिज से लोगों को प्लेटफार्म एक से दूसरी छोर पर जाने में काफी सहूलियत मिलती थी। फुट ओवर ब्रिज न होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जंक्शन होने के चलते कुछ ट्रेनों को छोड़कर सभी ट्रेनों का ठहराव होने से यात्रियों का भीड़ बनी रहती है। प्लेटफार्म दो नंबर पर ट्रेनों का ठहराव होने पर यात्री रेलवे ट्रैक पर जान हथेली पर रखकर पार करते हैं, और ट्रेन पकड़ते है। यहीं नहीं बस्ती से यहां ट्रेन आने पर लोग उत्तरी छोर से ही बाहर निकलते व प्रवेश करते हैं। पैदल पुल न होने सें लोगों को अनेक प्रकार के असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा यहां कचरा फेंकने के लिए लगाए गए डस्टबीन भी अपने जगह से गायब है।
अमर उजाला के खबर पर लिया गया था संज्ञान
मऊ/इंदारा। दो दशक से भी पुराने फुट ओवरब्रिज के बीच बने गड्ढे व जर्जर स्थिति को देखते हुए अमर उजाला ने अपने 24 नवम्बर 2018 को जर्जर ओवरब्रिज की समस्या पर समाचार प्रकाशित किया। जिसको संज्ञान में लेने के बाद रेलवे प्रशासन ने जर्जर पुल को रेलवे प्रशासन ने बंद कर दिया। बाद फुटओवर ब्रिज को तोड़कर हटा दिया गया था। लेकिन करीब दो वर्ष बाद भी नया फुटओवरब्रिज नहीं बनाया जा सका।