दोहरीघाट के मुक्तिधाम पर घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ा।
दोहरीघाट। घाघरा के जलस्तर बढ़ने की रफ्तार तेज होने से तटवर्ती इलाके के लोगों की धड़कनें बढ़ती ही जा रही है। एक तरफ जहां लोगों को बाढ़ आने की चिंता सताने लगी है। दूसरी तरफ तटवर्ती इलाकों के किसान घाघरा के रुख को देखकर असमंजस में पड़े हुए हैं।
घाघरा जैसे-जैैसे खतरा बिंदु की तरफ बढ़ रही है वैसे तटवर्ती इलाके के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी जा रही है। गुरुवार को 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 40 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी के जलस्तर में वृद्धि पर नजर डाला जाए तो मंगलवार को नदी का जलस्तर 67.10 मीटर रहा। बुधवार को 67.30 मीटर तक पहुंच गया। गुरुवार को 67.70 मीटर दर्ज किया गया। जबकि गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर आंका गया है।नदी के खतरा बिंदु की तरफ तेेेजी से बढ़ने से लोगों को बाढ़ आने की चिंता अभी से खाए जा रही है। नदी की लहरें मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर पर टक्कर मार रही है। किसानों को फसल नष्ट होने की चिंता सताने लगी है। जिस तरह से नदी प्रतीदिन बढ रही है उससे लगता है नदी खतरा बिंदु तक जल्दी ही पहुंच जाएगी। नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोत्तरी से मुक्तिधाम स्थित शवदाह घाट तथा भारत माता मंदिर पर पानी का दबाव बढता जा रहा है। जिससे स्थित विषम होती जा रही है। गत वर्ष घाघरा मे आई बाढ से शवदाह घाट की सीढियां तथा टिन शेड टूटकर घाघरा मे विलीन हो गया था, अभी तक विभाग की तरफ से शवदाह घाट तथा भारतमाता मंदिर की सुरक्षा की कार्ययोजना तक नहीं बनाई जा सकी है।