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खतरा बिंदु छुने को बेताब है घाघरा

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दोहरीघाट। घाघरा का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने से तटवर्ती इलाके के लोगों में दहशत हो गई है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 20 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। लगातार दो बार बाढ़ आने से हजारों एकड़ फसल नष्ट हो गई। लेकिन अभी तक किसानों को एक पाई का मुआवजा तक नहीं मिल सका है। बंधो पर लगे सभी रेगुलेटर बंद कर दिए गए हैं। सिंचाई विभाग तथा बाढ़ खंड आजमगढ़ की टीमों ने रिंग बंधों का निरीक्षण कर जायजा लिया। सोमवार को नदी का जलस्तर 69.60 मीटर रहा। जबकि रविवार को यह 69.40 मीटर पर था। नदी का खतरा बिंदु 69.90 मीटर है। नदी खतरा बिंदु से मात्र तीस सेमी नीचे बह रही थी। जिस हिसाब से नदी बढ़ रही है। उस हिसाब से 24 घंटे में नदी खतरा बिंदु पार सकती है। बाढ और बरसात से करीब 50 से अधिक गांवों की हजारों एकड़ फसलें बरसात के पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान रामपुर धनौली से लेकर सियरही गांव तक किसानों का हुआ है। सिंचाई विभाग ने रिंग बंधो पर लगे रेगुलेटरों को बंद करा दिया। सिंचाई विभाग तथा बाढ़ खंड आजमगढ़ की टीम ने बंधों की सुरक्षा को लेकर दौरा किया। वहीं जलस्तर बढ़ने से नवली, औराडाड़, चिऊटीडाड़, नवली, नई बाजार, सरहरा, बीबीपुर, गौरीडीह, कोरौली, उसरा, बेलौली, तारनपुर, गोड़वली, हरधौली, रामपुर, धनौली के किसानों की मेहनत कमाई की फसल नष्ट हो गई है।
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