यूपी, उत्तराखंड और मिजोरम के राज्यपाल रहे अजीज कुरैशी ने कहा कि जेहाद के नाम पर कौम को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। हम अपने वतन के तिरंगे के लिए जान दे देंगे, लेकिन इसके शान में गुस्ताखी नहीं होने देंगे। देश के दुश्मन चाहे भीतर के हों या बाहर के, उन्हें धूल चटाने की जरूरत है। कुछ लोग कहते हैं कि मुसलमान पाकिस्तान चले जाए पर खुद उनकी मंशा साफ नहीं हैै। आजादी की लड़ाई में उनका क्या योगदान है।
वे बुधवार को भीमराव स्टेडियम में चल रहे अखिल भारतीय गोल्ड कप फुटबाल टूर्नामेंट के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। स्टेडियम में खचाखच भरी भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि आज इस देश को कुछ लोग केवल अपना बताने के अभियान में जुटे हुए हैं। लेकिन देेश के हुक्मरानों को यह नही भूलना चाहिए कि देश पर जितना उनका हक है उतना ही देश के छोटे छोटे बच्चों का भी है। कहा कि देश की आजादी में हजारों मुसलमानों ने भी कुर्बानियां दी है। वतन के जर्रे जर्रे से हमें भी मोहब्बत है। यह वतन हमारा भी है। इस देश का मुसलमान इसकी मजबूती, तरक्की और अखंडता के लिए खून का कतरा-कतरा बहाने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि उन्हें यूपी के राज्यपाल पद से इसलिए चलता कर दिया गया क्योंकि उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी की मंजूरी दी थी। केंद्र सरकार को यह नागवार लगा और उन्हें रुखसत कर दिया गया। हालांकि इसका उन्हें कोई मलाल नहीं है लेकिन जब जिक्र होता है तो यह बताना भी जरूरी है।