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ग्रीन बेल्ट में डंप किया जा रहा कूड़ा-कचरा

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ब्रह्मस्थान पर अस्पताल के बाहर फेंका जा रहा कूड़ा। - फोटो : mau
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 जिले का सैकड़ों टन कचरा नगर पालिका की ओर से ग्रीन बेल्ट में डंप किया जा रहा। ऐसे में तमसा नदी तो प्रदूषित हो ही रही है साथ ही आसपास के लोगों को बदबू के चलते जीना मुश्किल हो रहा। संक्रामक बीमारियों की आंशका से लोग बेचैन हो रहे। ऐसे में नगर पालिका की लापरवाही स्वच्छता अभियान को मुंह चिढ़ा रही है। 
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 नगर में प्रतिदिन आबादी बढ़ने के साथ घरों से निकलने वाले कचरा, गंदगी की मात्रा बढ़ती जा रही हैं। आंकड़ों पर गौर करते तो  पिछले दो सालों में नगर क्षेत्र के 42 वार्डो से निकलने वाला कचरा 100 टन से बढ़कर 115 टन तक पहुंच गया हैं। लेकिन नगर पालिका द्वारा कचरा डंप करने के लिए डपिंग ग्राउंड बनाने के लिए 20 बीघा जमीन को चिह्नित नहीं किया जा सका हैं। इसके चलते वार्डो से निकलने वाला कचरा ग्रीन बेल्ट क्षेत्र तमसा नदी किनारे स्थित बंधा रोड और ढेकुलिया पुल मार्ग पर डंप किया जा रहा हैं। आबादी क्षेत्र से सटा होने होने के चलते बिना प्रोसेस के कचरा डंप से जहां स्थानीय लोगों को भीषण गर्मी में दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा हैं, वहीं वातावरण में प्रदूषण बढ़ रहा हैं। यहीं नहीं नगर पालिका द्वारा भीटी, मुुंशीपुरा जैसे रिहायशी क्षेत्रों में भी कचरा फेंका जा रहा हैं।

इस संबंध में तमसा संघर्ष समिति के छोटेलाल गांधी का कहना हैं कि नपा के कचरा डंप करने से नदी प्रदूषित के प्रदूषित न होने से इसमे रहने वाले जीवों के जीवन पर संकट खड़ा हो गया हैं।  नियाजपुरा के राजेश कुमार गिहार का कहना है कि नगर पालिका के रैकिंग में अव्वल आने पर इस समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन अभी भी नदी तट किनारे कचरा डंप करने से यह उम्मीद धूमिल हो रही।
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पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय मिश्रा का कहना है कि डंपिग ग्रांउड के लिए 20 बीघा जमीन चाहिए। इतने बड़े स्तर पर जमीन चिह्नित  करने में समय लग रहा हैं। इसके चलते नदी किनारे कचरा डंप हो रहा हैं। अगर लोगों को दिक्कत हो रही हैं तो नदी तट के किनारे के बजाए दूसरे जगह पर कचरा डंप कराया जाएगा। 
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