सितंबर जिले के माफिया और तस्करों के लिए मानो शामत बनकर आया है। जिला प्रशासन-पुलिस प्रशासन की लगातार कुर्की की कार्रवाई की जा रही है। इसीक्रम में बृहस्पतिवार को गांजा तस्कर की मधुबन तहसील के मौजा हिराजपट्टी में बनाए दो मंजिला भवन को कुर्क किया गया। कुर्क भवन की कीमत 86 लाख रुपये आंकी गई है। दो सप्ताह में कुर्की की यह चौथी कार्रवाई है।
एसपी इलामारन जी ने बताया कि बृहस्पतिवार को क्षेत्राधिकारी घोसी दिनेशदत्त मिश्रा की अगुवाई में राजस्व टीम, मधुबन और घोसी पुलिस की टीम ने रईसा थाना के मधुबन तहसील के हिराजपट्टी निवासी संजय जायसवाल ने अपने भाई राजू जायसवाल के नाम दो मंजिला भवन बनवाया है। संजय पर कोपागंज थाना में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज है। संजय अपराधिक मानसिकता का व्यक्ति है जो अपने आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए स्वयं और अपने गैंग के सदस्यों के साथ गांजा तस्करी के अपराध से अर्जित धन करता है। उसने अपने भाई के नाम से भूमि जिसकी कीमत 49,87,500 रुपये है, उस पर बने दो मंजिला मकान का निर्माण कराया है। जिसकी कीमत 36,10,000 है। जबकि उसका भाई अचल संपत्ति का केवल दृश्यमान स्वामी हैं। इस अचल संपत्ति का वास्तविक स्वामी संजय जायसवाल ही है। जो इस भवन का उपयोग स्वयं के छिपने एवं अपने गैंग के सदस्यों को संरक्षण देने के लिए करता है। एसपी ने बताया कि दोनों भाइयों के पास आय का ऐसा कोई वैध स्रोत और न ही पुश्तैनी ऐसी स्थिति थी कि इतनी संपत्ति खरीद कर मकान बनवा सके। बताया कि संबंधित संपत्ति को कुर्क करने की संस्तुति की गई थी। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्रा ने छह सितंबर को कुर्क किये जाने का आदेश दिया था।
दो सप्ताह चार बड़ी कार्रवाई
जिला प्रशासन-पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई यह पहली नहीं बल्कि दो सप्ताह में तीसरी है। इससे पहले बीते 28 अगस्त को रमेश सिंह काका के बेटे सुधीर द्वारा बहन के नाम से खरीदी 70 लाख की संपत्ति को कुर्क किया गया था। 29 अगस्त को मुख्तार अंसारी के करीबी अफजाल और उसकी पत्नी की पौने तीन करोड़ की संपति कुर्क की गई। वहीं तीन सितंबर को शहर कोतवाली के हनुमान नगर में अमित ठठेरा द्वारा अपनी मां के नाम से बनाई गई एक करोड़ आठ लाख की संपत्ति कुर्क की गई।