सहरोज और रेवरीडीह में किसानों के विरोध से अटका फोरलेन का निर्माण कार्य शुक्रवार से शुरू हो गया। किसानों के विरोध को देखते हुए भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच एनएचआई के अधिकारियों ने कार्य शुरू कराया। मुआवजे को लेकर किसानों की गुहार अनसुनी कर दी गई। बीते बृहस्पतिवार को दोपहर के समय सदर एसडीएम आनंद कन्नौजिया, सिटी मजिस्ट्रेट नीतीश कुमार सिंह, तहसीलदार उमेश सिंह, एनएचआई के पीडी भावेश अग्रवाल पुलिस फोर्स के साथ रेवरीडीह पहुंचे थे। निर्माणाधीन फोरलेन का अधूरा कार्य शुरू कराना चाहते थे। इस बीच किसान संजीव राय, दिनेश राय, उमेश राय, उमाशंकर त्रिपाठी, हिमांशू राय आदि मुआवजे को लेकर विरोध जताने लगे।
अधिकारियों ने किसानों को यह भरोसा दिलाया कि कोर्ट से जो फैसला आएगा उसको ऊपरी अदालत में अपील नहीं करते हुए मुआवजा किसानों को दिया जाएगा। लेकिन किसान कोर्ट का आदेश आने और मुआवजा मिलने तक कार्य नहीं होने की बात पर अड़े रहे। इसके चलते वार्ता विफल हो गई थी। प्रशासनिक अधिकारी और एनएचआई के अधिकारी तीन घंटे तक किसानों को मनाते रहे, लेकिन कार्य नहीं हो सका।
इसी बीच शुक्रवार की सुबह भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एनएचआई के पीडी भावेश अग्रवाल ने फोरलेन के कार्य को प्रारंभ करवाया। बता दें कि किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जमीन का मुआवजा दिए बिना ही कार्य शुरू करा दिया गया है।
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गांधीवादी तरीके से धरना करने का लिया निर्णय
कोपागंज। स्थानीय विकासखंड की ग्रामसभा रेवरीडीह तथा सहरोज के किसानों ने मांगों को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त उपजिलाधिकारी अशोक कुमार को सौंपा। ज्ञापन सौंपने के बाद किसानों ने रेवरीडीह गांव में बैठक की। कहा कि सात जुलाई को न्यायालय में तारीख थी जिसका हमलोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। जो फैसला आएगा उसके बाद एनएचएआई कार्य कराए। लेकिन उच्चाधिकारियों के दबाव के बाद पुलिस प्रशासन के संरक्षण में एनएचएआई के अधिकारियों ने फोरलेन का निर्माण कराया जा रहा है। कहा कि तपती धूप में हम धरना देंगे। अगर किसी को कुछ हुआ तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान दिनेश राय, प्रमोद राय, जितेंद्र, देवेंद्र, ओमप्रकाश, नरेंद्र, वीरेंद्र त्रिपाठी आदि शामिल रहे।