सर्व शिक्षा अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है इसके बावजूद इसका लाभ बच्चों तक नहीं पहुंच पा रहा। शिक्षक कक्षाओं में पढ़ाने की बजाय विद्यालयों से गायब रहते हैं।
अधिकारियों के निरीक्षण में यह मामला प्रकाश में आया है। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता योगेंद्र यादव ने बुधवार को रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय दतौड़ा का निरीक्षण किया।
इस दौरान प्रधानाध्यापक सहित तीन शिक्षक अनुपस्थित मिले। साथ ही बच्चों को वितरित की गई यूनिफार्म भी मानक के अनुरूप नहीं मिली। जिला समन्वयक ने दोषी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को संस्तुति भेजी है।
जिला समन्वयक ने रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के दतौड़ा स्थित प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय का बुधवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्राथमिक विद्यालय पर तैनात प्रधानाध्यापक सहित दो शिक्षक गायब मिले।
विद्यालय में पंजीकृत 140 बच्चों के सापेक्ष 70 बच्चे उपस्थित मिले। बच्चों को वितरित की गई ड्रेस भी घटिया किस्म की मिली। इस पर उनसे पूछताछ की गई। लेकिन वह इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया।
वहीं बच्चों के नाप के अनुरूप ड्रेस नहीं दी गई। एक शिक्षक के भरोसे पठन पाठन चल रहा था। उसी कैंपस में उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक अनुपस्थित मिले।
यहां भी बच्चों को वितरित की गई ड्रेस घटिया किस्म की मिली। 113 बच्चों के सापेक्ष केवल 81 बच्चे ही उपस्थित मिले।
जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता योगेंद्र यादव का कहना था कि
विद्यालयों में वितरित की गई नि:शुल्क ड्रेस भी मानक के अनुरूप नहीं मिली। चार शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को संस्तुति भेज दी गई है।
उधर, अचानक हुए इस निरीक्षण से अन्य विद्यालयों के अध्यापकों में भी हड़कंप का माहौल रहा।