मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने बीज अनुसंधान निदेशालय कुशमौर के प्रशासनिक अधिकारी को धमकी देने के मामले में बुधवार को सजा सुनाई। परदहां ब्लॉक के पूर्व प्रमुख रमेश सिंह काका समेत चार को 6-6 माह की सजा सुनाई।
इस दौरान सभी दोषियों की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसपर सीजेएम ने सभी को जमानत पर रिहा कर दिया। मामला थाना सरायलखंसी का है।
अभियोजन के अनुसार बीज अनुसंधान निदेशालय कुशमौर के प्रशासनिक अधिकारी सुशील कुमार सिंह की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई।
आरोप था कि 6 अक्तूबर 2009 की रात्रि में आरोपीगण रमेश सिंह काका, महेंद्र सिंह उर्फ पप्पू, राजीव कुमार सिंह और गोपाल दूबे तथा अन्य उनके आवास पर आकर संविदा कर्मचारियों के ठेके मे कमीशन की मांग करने लगे। मना करने पर धमकी दी।
पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए वादी सहित अन्य गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है।
सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण रमेश सिंह काका, महेंद्र सिंह उर्फ पप्पू, राजीव कुमार सिंह और गोपाल दूबे को धमकी देने का दोषी पाते हुए सजा सुनाई। संवाद