पुलिस लाइन सभागार में रविवार को परिवार परामर्श समिति की बैठक में चार दपंती मतभेद भुलाकर साथ रहने को राजी हुए। 28 मामलों में 17 का निपटारा किया गया। जबकि चार मामलों में पत्नी की जिम्मेदारी से इंकार करने पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। रविवार को सुबह दस से दोपहर दो बजे तक परिवार परामर्श की बैठक हुई। इस दौरान चार दंपति जिनमें काफी समय से विवाद होने के चलते मामला नहीं सुलझ पा रहा था। मामले में सदस्यों की सकारात्मक काउसलिंग से इन दंपतियों ने आपसी मतभेद भुलाकर साथ रहने का निर्णय लिया। जबकि चार मामले में विपक्ष की अनुपस्थिति और पत्नी की जिम्मेदारी से इंकार करने की स्थिति में मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। वहीं आठ मामले में विपक्षी तथा प्रार्थी की उपस्थिति के कारण फाइल बंद कर दी गई। बैठक में सर्वेश दूबे, अर्चना उपाध्याय, मौलवी अरशद, आत्मा सिंह, प्रीति दूबे, सोनी सिंह, पूनम पाल आदि मौजूद रहे।