मऊ। शुक्रवार को जिले में पहली बार घने कोहरे की दस्तक हुई, जिससे हर कोई ठंड से कांपता नजर आया। हादसे की संभावना के चलते हाईवे पर धीमी गति से वाहन दौड़ते नजर आए। घना कोहरा व सर्दी बढ़ने से आम जनजीवन प्रभावित रहा।
अक्तूबर माह के त्योहार के साथ मौसम लगातार खराब हो रहा है। लेकिन कोहरे का असर कम था। लेकिन शुक्रवार की सुबह आसमान में कोहरे की चादर तनी रही। सुबह लोगों की नींद खुली तो बाहर का नजारा देखकर ठंड से कांपने लगे। ठंड बढ़ने पर छोटे बच्चे व बुजुर्ग देर तक रजाइयों में दुबके रहे। सर्दी बढ़ने से गर्म कपड़े भी बाहर निकल आए। इधर हाईवे पर कोहरा के कारण वाहन चालकों को खासी परेशानी हुई। दृश्यता शून्य होने के कारण सुबह दस बजे तक वाहनों की लाइट जलाने के बावजूद सामने कुछ भी नजर नहीं आ रहा था। शहर की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में घना कोहरा रहा, जिससे ग्रामीणों की मुश्किल बढ़ गई।
सांस के रोगी रखे विशेष ख्याल
मऊ। जिला अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि यह मौसम सांस के रोगियों के परेशानी वाला समय होता है। वहीं बीपी के मरीजों में हार्ट अटैक और ब्रेन हैमरेज का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचाव को लिए बीपी के मरीज खानपीन के साथ अपने ब्लडप्रेेशर को नियंत्रित में रखे। जबकि सांस के मरीज को ठंड से बचाव की सलाह दी।