रानीपुर ब्लाक के मिर्जापुर गांव में बदहाल पड़ा अस्थायी पशु आश्रय स्थल। छांव के लिए तरस रहे पशु।
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जिले के विभिन्न इलाकों में पशुपालन विभाग की तरफ से छुट्टा पशुओं के लिए खोले गए कई पशु आश्रय स्थल बदहाल पड़े हैं। यहां पशुओं के चारे पानी की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। गर्मी के मौसम में पशु भूख और प्यास से तड़प रहे। जबकि रानीपुर ब्लाक क्षेत्र के मिर्जापुर गांव में बने पशु आश्रय स्थल में अव्यवस्था के चलते 12 पशुओं की मौत हो चुकी है। उधर, विभागीय अधिकारी पशुपालकों द्वारा बीमार पशुओं के छोड़ दिए जाने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
जिलें के विभिन्न इलाकों में छुट्टा पशुओं की बढ़ती संख्या से किसानों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। किसानों को जायद की फसल को छुट्टा पशु चट कर रखे गए हैं। समस्या से निजात दिलाने के लिए शासन की तरफ से प्रत्येक गांवों में अस्थायी पशु आश्रय स्थल खोले जाने के लिए फरमान जारी किया गया है। लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते जिले में 18 अस्थायी पशु आश्रय स्थल खोले जा सके हैं। जो अस्थायी पशु आश्रय स्थल खोले भी गए हैं। उनमें सुविधाओं का अभाव है। यहां पशुओं के लिए चारा पानी की व्यवस्था नहीं है।
पिपरीडीह ः रानीपुर ब्लाक क्षेत्र के मिर्जापुर गांव में बने अस्थायी पशु आश्रय स्थल बदहाल पड़ा है। ग्रामीणों की मानें तो पशुओं को चारा नहीं दिया जा रहा है।
भूसे की जगह पर पुवाल का प्रयोग किया जा रहा है। मवेशियों को पानी पीने के लिए एक छोटा सा मिट्टी का कच्चा गड्ढा बनाया गया है। जिसमे थोड़ा सा पानी भरा हुआ था। थोड़ा सा भूसा पड़ा हुआ था। पशुओं के लिए एक छोटी मड़ई डाली गई है। जो नाकाफी साबित हो रही है।
क्षेत्र के रामभुवन यादव, सुबास, रिंकू, प्रमोद का कहना है कि पशुओं को चारा पानी न मिलने से बीमार पड़ रहे हैं। एक दर्जन पशुओं की मौत हो चुकी है। बीडीओ रजनीश कुमार सिंह का कहना है कि चुनाव के चलते मानीटरिंग में बाधा आ रही थी। शीघ्र ही समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।