मऊ/बढ़ुआगोदाम। जनपद के लगभग सभी ब्लाकों की ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायतों की बाढ़ सी आ गई है। शिकायतों के निपटारे के लिए जिलाधिकारी अरुण कुमार ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर जांच के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में दस ग्राम पंचायतों में जांच के लिए 30 अधिकारी लगाए गए हैं। कोपागंज ब्लाक के नौसेमर गांव में विकास कार्यों में सुदामा यादव और रमेश की ओर से मनरेगा और वित्तीय वर्ष की धनराशि के गबन और वित्तीय अनियमितता की शिकायत पर जिला अर्थ एवं सांख्यिकीय अधिकारी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण को जांच अधिकारी बनाया गया है। फतेपुर मंडाव ब्लाक के दुबारी ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत अखिलेश सिंह ने की थी। जिसकी जांच जिला प्रोबेशन अधिकारी, अधिशासी अभियंता लोकनिर्माण विभाग और सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी जांच कर रहे हैं। उधर, मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक के देवखरी ग्राम पंचायत में विनय कुमार सिंह ने प्रधान और सचिव पर पोखरी खुदाई, मनेरगा, नाली निर्माण, इंटरलाकिंग और चहारदीवारी निर्माण में वित्तीय अनियमितता की शिकायत की। यहां जांच के लिए सहायक आयुक्त, सहायक निबंधक सहकारी समितियां, सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। दोहरीघाट ब्लाक के बहरामपुर गांव में अनियमितता की विकास कुमार मल्ल की शिकायत पर जिला युवा कल्याण अधिकारी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण जांच अधिकारी बनाए गए हैं। बड़रांव ग्राम पंचायत में जिला भूमि संरक्षण अधिकारी और अधिशासी अभिंयंता लोक निर्माण, रानीपुर ब्लाक अमरसेपुर ग्राम पंचायत में एआर कोआपरेटिव, अधिशासी अभियंता ग्राम्य विकास विभाग, घोसी ब्लाक के अकोल्ही ग्राम पंचायत में जिला उद्यान अधिकारी, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, रानीपुर ब्लाक के कमरवां में एआर कोआपरेटिव, एक्सईएन ग्रामीण अभियंत्रण और मुहम्मदाबाद रामपुर कांधी ग्राम पंचायत में 2015 से 2019 तक विकास कार्यों में रमाकांत सिंह की शिकायत पर डीपीओ और एक्सईएन को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।