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तेज बहाव से चक्कीमूसाडोही गांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग टूटा

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मधुबन के देवारा चक्की मूसाडोही गाँव से बाढ़ के पानी में से बाइक लेकर जाता युवक। - फोटो : MAU
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मधुबन/दुबारी। घाघरा के जलस्तर में घटाव के बाद भी देवारा इलाके के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। चक्की मूसाडोही गांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग लगभग 50 फीट तक पानी के तेज बहाव के कारण टूट गया। इसके चलते लोगों को जान जोखिम में डालकर आना जाना पड़ रहा है। एसडीएम के निर्देश पर राजस्वकर्मियों ने यहां आठ नावें लगाई हैं। नदी में आए उफान के चलते देवारा क्षेत्र के छह गांव नदी के घेरे में हैं। कई गांव के संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। मधुबन तहसील क्षेत्र का उत्तरी हिस्सा प्रत्येक वर्ष बाढ़ की चपेट में आता है। चक्की मूसाडोही गांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग लगभग 50 फीट तक पानी के तेज बहाव के कारण टूट गया। इसके चलते लोगों को रोजमर्रा के के लिए लोगों को जान जोखिम में डालकर आना जाना पड़ रहा है। गांव के नौ पुरवे पानी से घिरे होने की सूचना के बाद उपजिलाधिकारी लालबाबू दुबे के निर्देश के क्रम में लेखपाल अविनाश कुमार यादव के नेतृत्व में राजस्व टीम चक्की मुसाडोही पहुंच कर राहत एवं बचाव के लिए आठ नावें लगाई हैं। बाढ़ के जद में आए नवा का पुरा, रामानंद का पुरा, बटोही का पुरा, मथुरा का पुरा, नंदलाल का पुरा, राजाराम का पुरा, कौमी का पुरा, लल्लन का पुरा एवं रामलक्षन का पुरा में राहत व बचाव की कवायद तेज हो गई है। हाहा नाला रेगुलेटर नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर 65.80 मीटर रहा। बुधवार को 65.96मीटर रहा। जबकि खतरा बिंदु 66.31मीटर रहा। वहीं सबसे विकट समस्या पशुओं के चारे की बनीं हुई है। पशुपालक जान जोखिम में डालकर चारे की व्यवस्था करने में लगे हुए हैं। लोगों ने पर्याप्त नाव लगाने की मांग की है।
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