घोसी कोतवाली क्षेत्र के सराय मौजा में गुरुवार की सुबह दोहरीघाट पंप नहर के कुलाबा को खोलने गए मानिकपुर असना गांव के पांच युवक हाईटेंशन की चपेट में आकर झुलस गए। जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां उनका उपचार किया गया। सीएचसी में बिजली नहीं रहने पर डॉक्टरों ने बाहर स्ट्रेचर आदि लगाकर कर उनका उपचार किया।
मानिकपुर असना गांव निवासी इब्राहिम 23 पुत्र इमदाद, शाहिद 21 पुत्र रिजवान, सर्वजीत 25 पुत्र रामकुंवर, असलम24 पुत्र शहाबुद्दीन और फैजान 23 पुत्र इमरान गुरुवार को अपने खेतों में पानी चलाने के लिए गांव से थोड़ी दूर स्थित सराय बड़े गांव के पास दोहरीघाट पंप कैनाल का कुलाबा खोलने के लिए पहुंचे।
कुलाबा खोलते समय उन्होंने सरिया ऊपर की थी कि वह गुजर रही हाईटेंशन की तार से छू गई। ऐसे में करेंट की चपेट में आकर पांचों झुलस गए। चीख पुकार मची तो ग्रामीण उस ओर दौड़ पड़े और सभी घायलों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। लेकिन इमरजेंसी वार्ड में बिजली नहीं थी। ऐसे में तीन युवकों को वार्ड के बाहर लेटाकर इलाज किया गया।
वहीं घटना की जानकारी मिलने पर पहुंचे ब्लाक प्रमुख सुजीत सिंह और शिक्षक नेता रिजवान के साथ ही परिजन और ग्रामीण भी अस्पताल पहुंच गए। प्रमुख सुजीत सिंह ने घायलों को हाल चाल लेने के बाद अस्पताल में इस अव्यवस्था को लेकर खासी नाराजगी जताई। कहा कि अस्पताल में बिजली न रहने के दौरान जनरेटर की व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में गंभीर मरीजों का इलाज कैसे किया जाता है। कहा कि वह इसके लिए जिले के आला अधिकारियों को अवगत कराएंगे।
अस्पताल में बिजली जाने पर वैकल्पिक व्यवस्था है। इमरजेंसी वार्ड में इन्वर्टर भी लगाया गया है। लेकिन मरीजों के साथ आए लोगों ने ज्यादा गर्मी होने की बात कहते हुए दबाव बनाकर मरीजों का इलाज वार्ड के बाहर करवाया। -डॉ. एसएन राय, सीएचसी अधीक्षक