नगर के दशई पोखरा पर शोपीस बना ओवरहेड टैंक।
- फोटो : mau
शहर के लिए तीन ओवरहेड टैंक से की जा रही जलापूर्ति नाकाफी है। ऐसे में आठ में से तीन ही टैंक साढ़े तीन लाख की आबादी की किसी तरह प्यास बुझा रही है। उधर, खराब और जर्जर पड़े पांच टैंकों का रखरखाव करने में नगरपालिका प्रशासन लापरवाही बरत रहा। नगर पालिका क्षेत्र के 42 वार्डों की आबादी साढ़े तीन लाख है। नगर पालिका द्वारा नगर में पेयजल आपूर्ति करने के लिए आठ ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। लेकिन वर्तमान मुुंशीपुरा, मुसरदह मोड़ और रहजनिया ओवरहेड टैंक से ही नगर को आपूर्ति की जा रही है। जबकि ख्वाजाजहांपुर ओवरहेड टैंक में पिछले कुछ माह से आपूर्ति बंद है। वहीं भुजौटी, शाही कटरा, माता पोखरा और पहाड़ापुरा में बने ओवरहेड टैंक पिछले कई सालों से जर्जर होकर बंद पड़े हैं।
ऐसे में चालू तीन ओवरहेड टैंकों को 35 बड़े नलकूप और 61 छोटे नलकूपों से पानी भरने के बाद नगरवासियों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। उधर लगातार जलस्तर गिरने के चलते इन नलकूपों से कम पानी निकल रहा है। ऐसे में पहले से कम ओवरहेड टैंक से आपूर्ति और उस पर नलकूपों से कम पानी आने से तय मानक के अनुसार प्रति व्यक्ति को 135 लीटर के सापेक्ष मुश्किल से 70 लीटर तक पानी उपलब्ध हो रहा है। यहीं नहीं जिन ओवरहेड टैंक से सप्लाई की जा रही हैं। उसमें लीकेज के चलते 20 प्रतिशत पानी बर्बाद हो रहा। इसके चलते नगर के निजामुदीनपुरा, हरिकेशपुरा, डोमनपुरा, दक्षिण टोला, काजीटोला, पठान टोला, मठिया टोला, परदहा सहित कई जगहों पर पेयजल संकट के चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि जिन जगहों पर आपूर्ति प्रभावित हैं वहां टैंकर से सप्लाई की जा रही है। लेकिन फिर भी दिक्कतें दूर नहीं हो रहीं।
यहां के लोगों ने पानी के लिए कई बार प्रदर्शन भी किया। लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।