सोमवार को सुबह से लगभग दोपहर 12 बजे तक रुक-रुक कर बारिश होने से नगर के निचले इलाकों के आठ मुहल्लों में जलभराव हो गया। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
नगर के मुख्य मार्ग के दोनों ओर पानी जमा होने से वाहन चालकों और राहगीरों को आने-जाने में दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा था। बारिश बंद होने के दो घंटे बाद भी जगह-जगह जमा बारिश के पानी को निकालने के लिए नगरपालिका प्रशासन की तरफ से व्यवस्था नहीं की जा सकी थी।
रुक-रुक कर दोपहर तक बारिश होने से जनजीवन प्रभावित रहा। मौसम अनुकूल होने से धान की रोपाई में तेजी देखी गई। छह मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश से नगर सहित जिले के निचले इलाकों में जलभराव हो जाने से लोगों को पानी से होकर आना-जाना पड़ रहा था।
अधिकतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। जिले में रविवार को देर शाम से ही मौसम में बदलाव देखने को मिला। देर शाम से ही हल्की बारिश रुक-रुक कर होती रही।
सोमवार को तड़के से ही रुक-रुक कर बारिश होती रही। सुबह लगभग सात बजे अंधेरा छाने की स्थिति होने से प्रमुख मार्गों पर लोगों की आवाजाही कम रही। दोपहर तक रुक-रुक कर बारिश होती रही।
राहगीर और वाहन चालक बारिश से बचने के लिए मुख्य मार्ग के दोनों किनारों पर बनी दुकानों के आगे खड़े होकर बारिश रुकने की प्रतीक्षा करते देखे गए। छह मिमी बारिश रिकॉर्ड होने के साथ जुलाई माह में अब तक 90.75 मिमी बारिश होना दर्ज किया गया है।
लगातार बारिश होने से नगर के बलिया मोड़, भीटी, बाईपास रोड, पहाड़पुरा, इस्लामपुरा, रघुनाथपुरा, सहादतपुरा, निषाद नगर, निजामुद्दीनपुरा, जीवन राम इंटर कॉलेज छात्रावास परिसर, मुंशीपुरा, पावरहाउस कॉलोनी, रघुनाथपुरा, महरनिया सहित निचले इलाकों के आठ से अधिक मुहल्लों में जलभराव हो गया।
इससे लोगों को पानी से होकर आना-जाना पड़ रहा था। तापमान पर नजर डालें तो सोमवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 85 प्रतिशत रही, जबकि 10 किमी की रफ्तार से हवा चल रही थी।
रविवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश होने से किसानों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। मौसम अनुकूल होने से धान की रोपाई में तेजी देखने को मिली। किसान सुबह से ही खेतों को तैयार करने में जुटे रहे।
जलभराव से परेशान रहे मरीज
सोमवार को सुबह से दोपहर तक बारिश होने से जिला अस्पताल परिसर में पानी जमा होने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अस्पताल के मेन गेट से इमरजेंसी तक जाने वाली सड़क पर जमा पानी से होकर मरीजों को आना-जाना पड़ रहा था।