जिले के विभिन्न इलाकों में विभिन्न संगठनों की ओर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती मनाई गई। इस मौके पर उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया। नेताजी की याद में देशभक्ति की अलग जगाई गई।
उप्र वित्तविहीन विद्यालय प्रबंधक संघ की ओर से शनिवार को सीबी मेमोरियल स्कूल में जयंती समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश मिश्र ने नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर जयप्रकाश मिश्र ने कहा कि नेताजी की जयंती मनाने का औचित्य वास्तव में उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर अमल करते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलने पर ही पूरा होगा।
जिला प्रभारी कैलाश सिंह ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस विलक्षण प्रतिभा संपन्न देशभक्त थे। विदेश में जाकर आजाद हिंद फौज का गठन कर देश की आजादी के लिए संघर्ष करना हमारे लिए प्रेरणाप्रद है। समारोह को नरेश सिंह, देवभूषण तिवारी, कृष्णमोहन पांडेय, सिकंदर खां, जावेद शकील आदि ने संबोधित किया। संचालन रमेश श्रीवास्तव ने किया।
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डीसीएसके पीजी कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की ओर से जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. घनश्याम दुबे ने नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण किया। साथ ही व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। कहा कि पहले सुरक्षा मातृ भूमि की करनी चाहिए। क्योंकि जन्म लेने पर बच्चा पहले मातृभूमि की गोंद ही नसीब होती है। अंतिम यात्रा भी भूमि पर समाप्त होती है।
इसलिए देश सेवा मातृभूमि की रक्षा सर्वोपरि है। इस दौरान त्रिभुवन कुशवाहा, संजय वर्मा, श्यामसुंदर, प्रतीक्षा पांडेय, पिंकी सिंह आदि शामिल थे। इसी क्रम में इसी कालेज के सुभाष रोवर्स व कल्पना रेंजर्स की टीम की ओर से जयंती समारोह का आयोजन किया गया।
इसमें ग्रुप लीडर डॉ. एसपी सिंह ने नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। इस मौके पर डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस देश के ऐसे महान व्यक्तित्व थे जिन्होंने भारत की दासता में अपनी सरकार, अपनी सेना तथा अपना जनसंचार आदि की स्थापना की। भारत को विश्व मानचित्र पर स्थापित किया। साथ ही ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती दी। इस अवसर पर संजय सिंह, श्यामसुंदर निषाद,पिंकी, विशाल आदि शामिल थे।
इसी तरह से तहसील सदर बार एसोसिएशन की बैठक में नेताजी सुभाषचंद्र बोस को याद किया गया। वक्तओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार से जयंती को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाए जाने की मांग किया। एसडीएम के माध्यम से एक प्रस्ताव सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। यहां बार के अध्यक्ष अखिलानंद सिंह, मंत्री अखिलेश कुमार श्रीवास्तव, अजीत लाल श्रीवास्तव, सुशील कुमार राय, सत्यनरायन आदि मौजूद रहे।