फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mau News: रैकवारडीह गोदाम पर यूरिया के लिए मारामारी, बैरंग लौटे किसान

विज्ञापन
सहकारी समिति रैकवारेडीह पर खाद के लिए किसानों की लगी भीड़।संवाद - फोटो : स्रोत-पुलिस
विज्ञापन
पिपरीडीह। खरीफ सीजन में किसानों को मांग के अनुरूप साधन सहकारी समितियाें पर यूरिया की आपूर्ति न होने से किसानों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। साधन सहकारी समिति के सचिव ने एक हजार यूरिया की मांग की, लेकिन विभाग ने मात्र 200 बोरी यूरिया की ही आपूर्ति की। रैकवारडीह गोदाम पर यूरिया के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ी, यूरिया के लिए किसानों में धक्का मुक्की भी हुई। अधिकांश किसान बिना यूरिया लिए ही बैरंग लौट गए।
विज्ञापन

समिति पर यूरिया की आपूर्ति ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। क्षेत्र के रैकवारडीह स्थित साधन सहकारी समिति पर खाद वितरण की जानकारी मिलते ही शनिवार को भारी संख्या में किसान समिति पर पहुंच गए। समिति पर 200 बोरी ही खाद की आपूर्ति की गई थी। इसके चलते काफी संख्या में किसानों को बैरंग लौटना पड़ा। परदहां ब्लॉक क्षेत्र के साधन सहकारी समिति रैकवारडीह से क्षेत्र के बबुआपुर, रैकवारेडीह, भार सिंहाव, हासपुर, मड़इया, पिपरीडीह खरगजेपुर उस्मानपुर सहित विभिन्न गांव संबद्ध हैं। बारिश होने के बाद धान के खेत में यूरिया का छिड़काव के लिए किसान समितियों का चक्कर लगा रहे हैंं। साधन सहकारी समिति के सचिव ने एक हजार यूरिया की मांग की थी, लेकिन विभाग ने मात्र 200 बोरी यूरिया की आपूर्ति हुई। शनिवार को यूरिया वितरण की सूचना मिलते ही गांवों के किसान सुबह से ही यूरिया के लिए समिति पर आधार कार्ड लेकर पहुंच गए थे। लेकिन सहकारी समिति रैकवारेडीह पर केवल 200 किसानों को यूरिया मिल सकी। इस संबंध में क्षेत्र के किसान समसुद्दीन अहमद, अमरजीत राम, किशोरी, ओमप्रकाश, रुपेश चौहान, मंजय खरवार का कहना है कि सहकारी समिति पर यूरिया कब आ रही है। पता ही नहीं चल पा रहा है। इस समय धान के खेत में यूरिया का छिड़काव करना है। लेकिन समिति पर यूरिया ही नहीं मिली। खाद कब आएगा पता नहीं चल पा रहा है। खेती बाड़ी पर विपरीत असर पड़ रहा है।
कोट
सहकारी समिति रैकवारेडीह पर क्षेत्र के किसानों की मांग को देखते हुए विभाग से एक हजार बोरी यूरिया की मांग की गई थी। केवल 200 बोरी ही यूरिया मिली थी। जो किसानों में बांट दी गई। यूरिया के अगली खेप का इंतजार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लालबहादुर यादव, सचिव,सहकारी समिति
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें