जिला अस्पताल के ओपीडी में पर्ची कटाने के लिए लगी लंबी कतार।संवाद
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मऊ। जिला अस्पताल में की ओपीडी में बुखार, सर्दी-जुकाम तथा त्वचा रोग से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पैथालोजी में हर रोज सौ से अधिक मरीजों के ब्लड व यूरिन की जांच हो रही है। इसके साथ ही निजी डाक्टरों के यहां भी मरीजों की भीड़ लग रही है। इस समय मौसमी बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल में हर रोज 450 से 500 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को 450 मरीज इलाज के लिए ओपीडी पहुंचे। अस्पतालों में चिकित्कों के कक्ष के बाहर अपनी बारी के इंतजार में मरीजों के सोशल डिस्टेंसिंग भी नहीं हो रही है। जिला अस्पताल के पैथालोजी की मानें तो 21 जून से 21 जुलाई के बीच 28449 लोगों की ब्लड व यूरिन की जांच कराई गई है। काफी संख्या में मरीजों में टायफाइड, कम प्लेटलेट होने की रिपोर्ट आई है। हर रोज औसतन 100 मरीज जांच के लिए आ रहे हैं। जिला अस्पताल में ईएनटी सर्जन डा. आरआर चौहान के चेंबर के बाहर अपराह्न 11.45 बजे काफी संख्या में मरीज उनका इंतजार करते दिखे। मरीजों ने बताया कि चिकित्सक सप्ताह में तीन दिन ही ओपीडी में मरीजों को देखते हैं। रानीपुर को गोकुलपुरा से अपनी पत्नी सुषमा के कान के दर्द की दवा लेने आए रोशन कुमार ने बताया कि सुबह से ही वह चेंबर खुलने का इंतजार कर रहे है। प्रमोद सिंह यादव ने बताया कि पत्नी सविता का पहले से इलाज चल रहा है। चिकित्सक के ना होने से उन्हें परेशानी हुई। जैबु ने बताया कि जिला अस्पताल में एक बार चिकित्सक को दिखाने के बाद जांच कराने में ही पूरा समय बीत जाता है। बलिया से इलाज को आए जहूर अली ने बताया कि वह सुबह से ही पर्ची कटवा कर चिकित्सक की बाट जोह रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बृज कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। ईएनटी चिकित्सक तीन दिन मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को ओपीडी में मरीजों को देखते हैं। जबकि बुधवार और शुक्रवार को आपरेशन किया जाता है। ईएनटी चिकित्सक आरआर चौहान बृहस्पतिवार और शुक्रवार को छुट्टी पर हैं।