घोसी कोतवाली अंतर्गत मझवारा कसबे में बीती रात करीब साढ़े ग्यारह बजे एक व्यक्ति का मकान भराभरा कर गिर पड़ा। गनीमत थी घटना के वक्त परिवार के सारे लोग बाहर सोए हुए थे वरना इस हादसे में एक परिवार के काल के गाल में समाना तय था।
भूकंप के डर से परिवार के लोग बाहर सोए हुए थे। देखा जाए तो भूकंप के भय ने एक परिवार की जान बचा ली।
मझवारा कसबे में बाके गुप्ता का पक्का मकान है।
वह अपनी पत्नी तथा दो बच्चों के साथ उसी में रहता है। इधर लगातार आ रहे भूकंप के झटके से भयभीत कसबे के लोग घर के अंदर सोने के बजाय बाहर सो रहे थे। हालांकि बीती रात भूकंप को कोई झटका नहीं आया था।
अधिकांश लोग अपने घरों में सोने चले गए थे। लेकिन बाके अपनी पत्नी के कहने पर एक रात और बाहर सो गया। वे सभी घर के आंगन में सोए हुए थे। तभी रात को उसका मकान भरभरा कर गिर गया। मकान छोटा था इसलिए बाके का परिवार को उसके जद में आने से बच गया।
घटना की जानकारी सुबह घोसी कोतवाली पुलिस को दी गई लेकिन पुलिस मौके पर पंहुची नहीं। कसबे के प्रधान सुबास प्रजापति मौके पर जाकर नुकसान का जायजा लिए और इसकी जानकारी हल्के के लेखपाल को दिए।
बाके ने बताया कि मकान गिरने से इसमें रखा गृहस्थी का सामान का नुकसान हुआ है। उसने बताया कि उसे नुकसान की चिंता नहीं है। उसके बच्चों की जान बच गई, इसके लिए वह ऊपर वाले का शुक्रिया अदा कर रहा है। बताया कि भूकंप के डर से वह पत्नी के कहने पर बच्चों के साथ बाहर सो गया था।