फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भय न कोई भ्रांति, टीकाकरण के लिए बच्चों में दिख रहा उत्साह

विज्ञापन
Fear not any misconception, enthusiasm seen in children for vaccination - फोटो : MAU
विज्ञापन
मऊ। जिले में कोरोना संक्रमण पर ब्रेक लग चुका है। बीते 14 दिन से जिले में हुए हजारों संदिग्धों की जांच में कोई नया संक्रमित मरीज नहीं मिला है। संक्रमण पर ब्रेक लगने के बाद इसका जड़ से खात्मा करने के लिए अलग अलग श्रेणी के लाभार्थियों के लिए वर्तमान में टीकाकरण चल रहा है। इसमें 12 से 14 वर्ष उम्र तक के बच्चों के टीकाकरण की गति धीमी चल रही है। लेकिन 15 से 17 वर्ष के किशोरों में टीकाकरण को लेकर जागरूकता दिख रही है। फलस्वरूप लक्ष्य के सापेक्ष 90 फीसदी टीकाकरण पूरा हो चुका है। देशभर के साथ ही जिले में 16 मार्च को 12 से 14 वर्ष उम्र तक के बच्चों का टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था। जिले में कोर्बेवैक्स वैक्सीन लगवाने के लिए 56 हजार से अधिक चिह्नित किए गए हैं। सोमवार तक छह हजार 380 बच्चों को ही वैक्सीन लगवाई जा सकी है। हालांकि इसके पीछे स्वास्थ्य विभाग का तर्क है, स्कूलों में परीक्षा के चलते टीकाकरण पर प्रभाव पड़ रहा है। स्कूलों में परीक्षा समाप्त होने के बाद टीकाकरण की रफ्तार बढ़ेगी। साथ ही उनके द्वारा टीकाकरण की गति बढ़ाने के लिए टीकाकरण केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है। हालांकि जनवरी से 15 से 17 वर्ष के किशोर-किशोरियों के चल रहे टीकाकरण में रफ्तार काफी तेज है। एक लाख 54 हजार के सापेक्ष सोमवार तक 1 लाख 51 हजार किशोर-किशोरियों का टीकाकरण किया जा चुका है। इस संबंध में जिला प्रतीरक्षण अधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि 12 से 14 वर्ष उम्र के बच्चों के टीकाकरण अभियान की शुरुआत के समय परीक्षाएं चलने के कारण टीकाकरण प्रतिशत कम रहा था। अब टीकाकरण की गति बढ़ने लगी है। टीकाकरण केंद्रों की भी संख्या बढ़ाई जा रही है। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के बीच केंद्र सरकार की ओर से 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों के टीकाकरण का अभियान 15 मार्च से शुरू किया गया था। वहीं अभिभावकों में बच्चों के टीकाकरण होने से संक्रमण का खतरा लगभग खत्म हो चुका है। बच्चों में भी टीकाकरण को लेकर किसी भी तरह का कोई भय या भ्रांति नहीं है। बच्चों में उत्साह देखने को मिल रहा है। अभिभावक बोले कि उनके बच्चों के वैक्सीन लगने से अब वे भी संक्रमण से सुरक्षित हो गए हैं। ताजोपुर निवासी सिंपल पांडेय ने बताया कि 12 से14 आयु वर्ग के बच्चों का टीकाकरण हो रहा है। इससे मुझे खुशी हुई कि अब उनका बेटा हनु पांडेय बब कोरोना संक्रमण से सुरक्षित हो जाएगी। बताया कि परिवार में सभी सदस्यों ने कोरोना का टीका लगवा लिया है।वहीं लाभार्थी रतनपुरा तथा 12 वर्षीय निवासी अनुषा सिंह ने बताया कि उसे बहुत खुशी हो रही है कि संक्रमण से बचाव के लिए आज उसको भी टीका लग जाएगा। मुझे किसी भी तरह का कोई डर नहीं लग रहा है। जमीउतुल उलमाए हिंद के सेक्रेटरी हाफिज मुहम्मद जावेद ने कहा कि 12से 15 वर्ष के किशोरों के लिए कोविड प्रतिरोधक टीका लगाना चाहिए। इससे कोरोना को रोकने में मदद मिलेगी। कोरोना टीकाकरण से ही जीवन सुरक्षित होगा। अफवाहों पर ध्यान नहीं दिया जाए। शीतला धाम के दीपक महाराज ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए सुरक्षा कवच लेने से खुद को और परिवार को सुरक्षित महसूस कर रहा हूं। अभी कोरोना खत्म नहीं हुआ है। इसलिए टीकाकरण जरूर कराएं। ये आपका का सुरक्षा कवच बनेगा। अफवाहों पर ध्यान न देें।

दीपक महराज ,धर्म गुरु। प्रतिक्रिया- फोटो : MAU

अनूशा सिंह। प्रतिक्रिया- फोटो : MAU

हाफिज जावेद। प्रतिक्रिया- फोटो : MAU

सिंपल पांडेय। प्रतिक्रिया- फोटो : MAU

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें