मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामेश्वर ने हत्या के प्रयास के मामले में नामजद पिता और उसके तीन पुत्रों को सुनवाई के बाद दोषी पाया। चारों को सात-सात वर्ष की सजा के साथ ही 10 -10 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड न देने पर 3 -3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड जमा हो जाने पर बतौर प्रतिकर वादिनी और उसकी मां विभा को देने का आदेश दिया है।
मामला कोपागंज थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार कोपागंज थाना क्षेत्र के इंदारा गांव निवासिनी सरिता पुत्री संतलाल की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें गांव के ही शिवशंकर पुत्र सुमेश्वर, आशीष, अनिल और राजू पुत्रगण शिवशंकर को आरोपी बनाया गया। वादिनी का आरोप है कि पांच मार्च 2013 की शाम 7:00 बजे उसकी मां विभा देवी घर में खाना बना रही थी।
इस दौरान आरोपीगण जान से मारने के लिए लाठी, डंडा, टंगारी लेकर घर में घुस गए। उसे तथा उसकी मां विभा पर हमला कर दिया। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना की। आरोपपत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए प्रभारी डीजीसी फौजदारी मणि बहादुर सिंह और एडीजीसी फौजदारी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने सात गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा।
जिला जज ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी शिवशंकर, आशीष, अनिल और राजू को घर में घुसकर, हत्या का प्रयास करने तथा मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद हत्या के प्रयास के मामले में 7-7 वर्ष की सजा के साथ ही 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड निर्धारित किया।
वहीं घर में घुसकर मारने तथा गंभीर चोट पहुंचाने में क्रमश: 3-3 वर्ष की सजा के साथ ही 2-2 हजार व 3-3 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। तथा मारपीट के मामले मे एक-एक वर्ष की सजा का निर्णय सुनाया। अर्थदंड न देने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतान होगा। वही अर्थदंड जमा हो जाने पर 10-10 हजार रुपये बतौर प्रतिकर वादिनी और उसकी मां विभा को देने का आदेश दिया।