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Mau News: एनएच के निर्माण के विरोध में उतरे किसान

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कोपागंज। सहरोज और रेवरीडीह गांव में एनएच के निर्माण के विरोध में शनिवार को दूसरे दिन भी किसानों ने विरोध-प्रदर्शन किया। हालांकि पुलिस ने किसानों को मौके से हटाते हुए कार्य को जारी रखवाया। इस दौरान आक्रोशित किसान सड़क किनारे दिनभर डटे रहे। सदर एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर हालात की जानकारी ली। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को निर्देश दिया।
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प्रशासन ने वर्षों से कोपागंज ब्लाक के सहरोज और रेवरीडीह गांव में रुके एनएच के कार्य को बीते शुक्रवार से शुरू करा दिया। शनिवार को दूसरे दिन किसानों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए एक राजनैतिक पार्टी का झंडा लेकर कार्य का विरोध जताया। किसानों का कहना है कि फोरलेन के लिए उनकी जमीन का अधिग्रहण किया गया है। लेकिन उनकी जमीन का वाजिब मुआवजा नहीं दिया गया है। मुआवजे की मांग को लेकर बीते आठ वर्षों से एनएचआई तथा किसानों के बीच विरोध चला आ रहा है।
बीते शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में किसानों के विरोध के बावजूद एनएचआई का कार्य शुरू करवा दिया। शनिवार को दूसरे दिन इसके विरोध में किसानों ने तंबू गाड़कर हाथों में एक राजनैतिक पार्टी का झंडा लेकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान किसान दिनेश राय, आत्मा राय, हेमेंद्र राय, ओमप्रकाश राय, बृजेश राय, जीतेन्द्र राय, प्रमोद राय, जगतनारायण राय, सुरेंद्र पाल, रामकृत पाल, योगेंद्र पाल, परमहंस पाल, वीरेंद्र तिवारी आदि ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी किसानों के साथ नाइंसाफी कर रहे। किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। बिना उचित मुआवजा दिए ही कार्य करवाया जा रहा।
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सुबह नौ बजे से जारी किसानों के धरना-प्रदर्शन को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल सहरोज और रेवरीडीह पहंुच गया। किसानों को धरना स्थल से हटा दिया गया। इस दौरान उपजिलाधिकारी आनंद कन्नौजिया भी मौके पर हालात का मुआयना करते रहे। उधर प्रर्दशन स्थल से हटने के बाद भी किसान बड़ी संख्या में आसपास सड़क किनारे मौजूद रहे।
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कोपागंज। सहरोज और रेवरीडीह के सैकड़ों किसानों की जमीन फोर लेने के लिए अधिग्रहित की गई है। कई किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। जबकि जमीन को फोरलेन के लिए एनएचआई द्वारा 8 वर्ष पूर्व अधिग्रहित किया गया था। किसानों की मांग है कि उनको बढ़ी दर से मुआवजा का भुगतान किया जाए। इसको लेकर किसानों का विरोध जारी है।
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