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Mau News: तेज बारिश से किसानों की फसलें बरबाद, उठी मुआवजा की मांग

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नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में रविवार को तेज गरज एवं हवा के साथ बारिश हुई। इससे फसलों को काफी नुकसान पहंुचा है। किसानों ने सरकार से बरबाद फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा देने का मांग की है। घोसी तहसील मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में सोमवार की दोपहर में तेज हवा एवं गरज के साथ बारिश हुई। निचले क्षेत्रों में खेतों में जल जमाव हो गया। किसानों की गेहूं , सरसों, चना और मटर आदि की फसलें हवा एवं पानी के चलते गिरकर नष्ट हो गईं।
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लोकदल के महासचिव देवप्रकाश राय, कांग्रेस पार्टी जिलाध्यक्ष इंतेखाब आलम एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश पाण्डेय ने सरकार से मांग की कि सर्वे कर किसानों की बरबाद फसलों का मुआवजा दिया जाए। अंसार अहमद एवं अरविंद पांडेय ने भी किसानों के नुकसान फसलों की भरपाई का मांग की है।

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किसानों की फसल पर जारी है प्रकृति का कहर
जिले में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं झमाझम बारिश
मऊ। जिले में 90 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बोआई की गई है। फसल पकने की स्थिति में पहुुंच गई है। शनिवार की शाम तेज हवा के साथ हुई बारिश के साथ ओले पड़ने से सैकड़ों एकड़ फसल जमीन पर लोट गई। रविवार को मौसम साफ होने से किसान फसल को सुखाने में लगे ही थे कि रविवार की रात से ही मौसम में बदलाव हो गया। रात में झमाझम बारिश हुई। इसके बाद सोमवार को कहीं बूंदाबांदी तो कहीं झमाझम बारिश हुई।
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तापमान पर नजर डाली जाए तो अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश का क्रम जारी रहने से किसानों को नुकसान की चिंता खाए जा रही है। वहीं, खेतों में काटकर छोड़ी गई सरसों की फसल एक बार फिर भींग जाने से सड़ने का खतरा बढ़ गया है।। किसान अपनी नुकसान हुई फसल को निहार रहे हैं।

केस नंबर एक
नष्ट हो गई है फसल, कैसे होगी भतीजे की शादी:
बढुआगोदाम। फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के मखमेलपुर गांव निवासी किसान मनोज त्रिपाठी ने बताया कि शनिवार की रात हुई तेज हवा और साथ बारिश ने 12 बीघा में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है। जलजमाव के चलते फसल के नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। ओले से खेतों में खड़ी गेहूं, चना की फसल का भी भारी नुकसान हुआ है। इस साल फसल तैयार खड़ी थी और जल्द ही काटने वाले थे, क्योंकि 10 मई को भतीजे की शादी होनी है। फसल बेचकर पैसा आता तो भतीजे की तिलक और शादी की तैयारियां पूरी होतीं। पर न जाने किस्मत को क्या मंजूर था। वैसे ही अपना सब कुछ रखा पैसा और कुछ कर्ज लेकर इन खेतों में लगा दिया। अब फसल उजड़ जाने से भतीजे की शादी पर संकट खड़ा हो गया है। कैसे करेंगे यह भी संकट है। प्रशासन की तरफ से फसल क्षति का आकलन मुआवजा जल्द दिया जाए।
केस दो
खेत में गिरकर फसल हुई बर्बाद,कैसे भरी जाएगी बच्चों की फीस:
बढुआगोदाम। परदहां ब्लाक क्षेत्र के बहरीपुर गांव निवासी दुर्गा पांडेय ने बताया कि छह बीघा में गेहूं की फसल लगाया था। तेज हवा के साथ बारिश तथा ओले से छह बीघा फसल खेतों में गिर गई है। जलजमाव से फसल के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। पुत्री बीएससी नर्सिंग कर रही है। पुत्र पालीटेक्निक कर रहा है। ऐसे में फसल नष्ट होने से फीस भरना मुश्किल होगा। क्योंकि खेती किसानी से ही परिवार की खर्च चलता है। ऐसे में फसल क्षति का आकलन कर मुआवजा दिया जाए।
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