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Mau News: चीनी मिल पर दूसरे दिन भी किसानों ने किया हंगामा, दो घंटे तक की नारेबाजी, जीएम हटाए गए

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घोसी चीनी मिल गेट पर पुलिस की मौजूदगी में गेट ढकेलकर अंदर घुसने का प्रयास करते किसान।संवाद
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अधिकारियों ने दिया आश्वासन, अब सठियाव नहीं घोसी चीनी मिल में ही होगी गन्ने की पेराई
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इस सत्र में घोसी चीनी मिल को मिला है 18 लाख क्विंटल का लक्ष्य, 12.62 लाख क्विंटल गन्ने की हो चुकी है पेराई
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
घोसी(मऊ)। चीनी मिल बंद होने के आदेश पर सोमवार को भी आक्रोशित किसानों ने राजनीतिक पार्टियों के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इसे देखते हुए पहले ही वहां दो थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी।
मिल के अंदर प्रवेश करने के लिए प्रशासन और किसानों के बीच काफी देर तक धक्का मुक्की चलती रही। फोर्स को धक्का देते हुए किसान गेट खोलकर मिल के अंदर प्रवेश किए और उत्तर प्रदेश गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी का पुतला फूंका।
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प्रशासन के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त किया। सोमवार की देर शाम उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी संघ लिमिटेड द्वारा तत्काल प्रभाव से प्रशासनिक आधार पर चीनी मिल के जीएम महेंद्र प्रताप को चीनी मिल लखनऊ के लिए तबादला कर दिया गया। शासन, चीनी मिल प्रबंधन और किसानों के बीच 48 घंटे से चले आ रहे विरोध में आखिरकार शासन ने चीनी मिल का पेराई सत्र बंद न करने की घोषणा करते हुए भविष्य में भी मिल बंद होने के अफवाहों का खंडन किया।
आश्वासन से पहले गरीब समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश कुमार बागी के नेतृत्व में किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सोमवार की सुबह 11:30 बजे किसानों का समूह चीनी मिल गेट पर पहुंचा।
इसके बाद 11: 45 बजे घोसी के पूर्व ब्लाक प्रमुख डॉ. सुजीत कुमार सिंह और पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश सिंह राठौर पहुंचे तो चीनी मिल प्रशासन ने गेट बंद कर दिया। गेट खोलने को लेकर नेताओं एवं चीनी मिल प्रशासन में नोक झोंक होती रही।
जिसके चलते कुछ किसान गेट के अंदर तो कुछ चीनी मिल के बाहर हो गए। करीब 12:30 बजे किसानों के साथ ही नेताओं ने धरना देना शुरू कर दिया। गरीब समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश कुमार बागी ने प्रशासन को चकमा देकर गन्ना मंत्री का पुतला न केवल परिसर के अंदर ले जाने में सफल रहे बल्कि इसे फूंककर विरोध भी जताया।
किसानों ने मिल प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी शुरू की। दोपहर दो बजे घोसी के प्रभारी उपजिलाधिकारी राजेश कुमार अग्रवाल और प्रधान प्रबंधक महेंद्र प्रताप मौके पर पहुंचे। बताया कि चीनी मिल वर्तमान में चल रही है।
हमारे पास मिल संचालन को लेकर अभी जारी पर्ची के अनुसार गन्ना उपलब्ध है। आगे पर्ची जारी करने के लिए लखनऊ मुख्यालय से बातचीत चल रही है। शाम से नई पर्ची जारी की जाएगी और भविष्य में चीनी मिल बंद करने की कोई योजना नहीं है।
बताया कि इस सत्र में मिल को 18 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य मिला है। इसकी तुलना में 12.62 लाख क्विंटल गन्ना पेराई हो चुकी है। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव, माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश बागी, पवनी जन कल्याण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम मनोहर उर्फ हिटलर विश्वकर्मा, भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष मिथिलेश यादव आदि सैकड़ों लोग उपस्थित रहे ।


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पेराई सत्र के 16 दिन पहले बंद होने की सूचना से पूरे जिले में था आक्रोश



चीनी मिल का पेराई सत्र दस मार्च तक है।लेकिन 16 दिन पहले ही चीनी मिल को बंद कर इसे विरोध के बाद क्रय केंद्र में तब्दील करने से किसानों में आक्रोश था। इस दौरान किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान चीनी मिल के जीएम
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छह बार सामने आए लेकिन मौखिक आश्वासन तो देते रहे लेकिन किसानों द्वारा लिखित मांगने पर इसे लिखकर देने पर मुकरते रहे।



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जारी आदेश के बाद बदले आदेश ने उठाया सवाल



चीनी मिल को पेराई सत्र में बंद कर इसे स्थानांतरित करने का आदेश के 48 घंटे के अंदर इसे खारिज करने पर सवाल उठ रहा है। गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस द्वारा जारी आदेश पत्र में इस मिल के शेष लक्ष्य को सठियांव मिल में स्थानातरंण करने के पीछे 71 क्राप डे के दौरान 196 घंटे बंदिया होना के साथ मिल की मशीनरी काफी पुरानी होने के चलते पूर्ण क्षमता से चल न पाना का तर्क दिया गया था। साथ ही बताया कि इन दोनों कारण से मिल की चीनी रिकवरी घटना होता बताया गया था।आदेश पत्र में यह भी बताया गया है कि वर्तमान में चीनी मिल का क्षमता उपयोग 65.97 है जो कि सभी सहकारी चीनी मिलों में सबसे कम है। ऐसे में सवाल उठता है कि यह आदेश उस समय क्यों आया जब पेराई सत्र में आधा दिन से अधिक होने के बाद बड़ी संख्या में किसान अपने गन्ने की फसल को लेकर मिल के अंदर थे तो सैकड़ों किसान खेत से फसल की कटाई करने की योजना तैयार कर चुके थे।
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